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उदयपुर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में 'साधु' बनकर बिछाया जाल, 22 साल बाद MP के देवास से दबोचा फरार डकैत

उदयपुर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में 'साधु' बनकर बिछाया जाल, 22 साल बाद MP के देवास से दबोचा फरार डकैत

राजस्थान के उदयपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक कुख्यात डकैत को फिल्मी अंदाज़ में जाल बिछाकर गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई करीब 22 साल बाद अंजाम दी गई, जिसमें पुलिस ने साधु का भेष धारण कर आरोपी को पकड़ने की रणनीति अपनाई। इस पूरे ऑपरेशन की चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।

जानकारी के अनुसार, मामला Udaipur पुलिस की एक विशेष टीम से जुड़ा है, जिसने वर्षों से फरार चल रहे डकैत की तलाश में कई राज्यों में लगातार दबिश दी थी। आरोपी पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और वह पिछले दो दशकों से पुलिस की पकड़ से बाहर था। लगातार बदलती लोकेशन और पहचान छिपाने की उसकी रणनीति के चलते वह पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को हाल ही में खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी मध्य प्रदेश के देवास क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने एक बेहद अनोखी योजना बनाई। टीम के कुछ सदस्यों ने साधु का वेश धारण किया और स्थानीय लोगों के बीच रहकर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। यह पूरा ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया ताकि किसी को भी पुलिस की मौजूदगी का अंदाजा न लग सके।

कई दिनों की निगरानी और रणनीति के बाद पुलिस ने आखिरकार आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की। बताया जा रहा है कि जैसे ही आरोपी को विश्वास हुआ कि वह सुरक्षित है, पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को बेहद सटीक और योजनाबद्ध बताया जा रहा है, जिसमें किसी तरह की हिंसा या बड़ी मुठभेड़ की नौबत नहीं आई।

यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के Dewas क्षेत्र से की गई, जहां आरोपी पिछले काफी समय से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार, वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था ताकि कानून की पकड़ से बच सके। लेकिन अंततः तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया जानकारी के संयोजन से उसे पकड़ लिया गया।

इस पूरे ऑपरेशन की खास बात पुलिस का फिल्मी अंदाज़ में अपनाया गया तरीका रहा, जिसने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया। साधु का भेष धारण कर आरोपी तक पहुंचना और बिना किसी शक के उसे गिरफ्तार करना पुलिस की रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए लाया गया है, जहां उससे पुराने मामलों और फरार रहने के दौरान की गतिविधियों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से पुराने कई मामलों की परतें खुल सकती हैं और अन्य सहयोगियों की भी पहचान संभव है।

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई पुलिस की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने वर्षों पुराने एक मामले को आखिरकार सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी कानून के हाथ अपराधियों तक पहुंच सकते हैं।

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