उदयपुर ब्लैकमेलिंग-रेप केस पर सियासत तेज, वीडियो में देखें टीकाराम जूली बोले—‘जल्द आएंगी उदयपुर फाइल्स, बड़ा खुलासा होगा’
उदयपुर में सामने आए ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के कथित हाई प्रोफाइल मामले को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही “उदयपुर फाइल्स” सामने आने वाली हैं, जिसमें भाजपा से जुड़ा बड़ा मामला उजागर होगा।
दरअसल, इस पूरे मामले में एक महिला नेता ने एक वकील पर ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर उसका आपत्तिजनक वीडियो भी तैयार किया और उसे ब्लैकमेल किया। इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
इस मुद्दे को लेकर उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और सरकार पर मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का दबाव बनाया।
वहीं, जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान टीकाराम जूली ने कहा, “किसी ने उदयपुर फाइल्स देखी हैं? अगर किसी ने देखी हो तो बताना। मेरे पास भी जल्द ही उदयपुर फाइल्स आने वाली हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी का बड़ा मामला उजागर होगा।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जूली के बयान को भाजपा पर सीधे राजनीतिक हमला माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के बयान से आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और AI के दुरुपयोग जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कानूनी और तकनीकी व्यवस्था जरूरी हो गई है।
फिलहाल, सभी की नजर इस मामले की जांच और नेता प्रतिपक्ष द्वारा कही गई “उदयपुर फाइल्स” पर टिकी है। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति में और हलचल बढ़ सकती है।

