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उदयपुर नगर निगम में आरक्षण लॉटरी पूरी, 16 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व; 48 वार्ड सामान्य

उदयपुर नगर निगम में आरक्षण लॉटरी पूरी, 16 वार्ड महिलाओं के लिए रिजर्व; 48 वार्ड सामान्य

उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर वार्डों के आरक्षण की तस्वीर अब साफ हो गई है। नगर निगम के वार्डों की आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तय हो गया है कि किस वार्ड में किस वर्ग का पार्षद चुनाव लड़ सकेगा। लॉटरी में 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 48 वार्ड ऐसे हैं, जहां किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षण लागू नहीं है।आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही शहर में चुनावी गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं। संभावित उम्मीदवार अब अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं।

16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

आरक्षण लॉटरी के तहत उदयपुर नगर निगम के 16 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें संबंधित आरक्षित वर्ग की महिला उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा।महिला आरक्षण के कारण कई वार्डों में पुरुष दावेदारों की उम्मीदों को झटका लगा है। वहीं, राजनीतिक दलों के सामने अब इन वार्डों में मजबूत महिला चेहरों का चयन करने की चुनौती होगी।

48 वार्डों में नहीं होगा वर्ग विशेष का आरक्षण

लॉटरी में 48 वार्ड ऐसे निकले हैं, जहां किसी विशेष वर्ग के लिए आरक्षण नहीं है। इन वार्डों में पात्रता पूरी करने वाला कोई भी उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।इन वार्डों में टिकट के लिए दावेदारों की संख्या अधिक होने की संभावना है। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे स्थानीय नेता अब पार्टी स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटेंगे।

आरक्षण से बदले कई राजनीतिक समीकरण

आरक्षण लॉटरी के बाद कई संभावित उम्मीदवारों के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। कुछ दावेदार ऐसे वार्ड में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, जो अब महिला या अन्य आरक्षित श्रेणी में आ गया है।ऐसे में राजनीतिक दलों को वार्डवार नए चेहरों की तलाश करनी होगी। प्रत्याशी चयन के दौरान स्थानीय पकड़, जनता के बीच छवि, संगठन में सक्रियता और सामाजिक समीकरण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।

टिकट के लिए बढ़ेगी दावेदारों की दौड़

आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य दलों में टिकट के लिए दावेदारों की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। संभावित प्रत्याशी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से संपर्क बढ़ा सकते हैं।अब वार्डों की आरक्षण सूची के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार होगी। सामान्य वार्डों में पुराने दावेदारों के बीच मुकाबला रोचक हो सकता है, जबकि महिला आरक्षित वार्डों में राजनीतिक दल नए चेहरों पर दांव लगा सकते हैं।उदयपुर नगर निगम की आरक्षण लॉटरी ने आगामी निकाय चुनाव के लिए शुरुआती तस्वीर साफ कर दी है। अब सभी की नजर राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशियों के चयन और टिकट वितरण पर रहेगी।

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