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राजस्थान की अफीम तस्करी पर बनी पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर 'अमलपट्टा', वीडियो में जाने 12 नवंबर को होगी रिलीज; उदयपुर में ट्रेलर लॉन्च

राजस्थान की अफीम तस्करी पर बनी पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर 'अमलपट्टा', वीडियो में जाने 12 नवंबर को होगी रिलीज; उदयपुर में ट्रेलर लॉन्च

राजस्थान में अफीम तस्करी के अवैध कारोबार और उसमें वर्चस्व की लड़ाई की कहानी अब बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी। मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'अमलपट्टा' 12 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर उदयपुर में लॉन्च किया गया। इसे पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर फिल्म बताया जा रहा है। आरजे 27 प्रोडक्शन यूनिवर्सल के बैनर तले बनी इस फिल्म में अफीम की खेती, तस्करी के नेटवर्क, नारकोटिक्स विभाग और स्थानीय सत्ता के बीच के कथित टकराव को कहानी का आधार बनाया गया है।

अफीम तस्करी और वर्चस्व की लड़ाई पर आधारित कहानी

फिल्म के निर्देशक सौरभ जैन के मुताबिक, 'अमलपट्टा' की कहानी अफीम तस्करी की दुनिया में अपना दबदबा कायम करने की जंग के इर्द-गिर्द घूमती है। इस संघर्ष के बीच हुई एक हत्या कहानी को नया मोड़ देती है। इसके बाद इलाके में सक्रिय अपराध के नेटवर्क और आपसी टकराव की परतें खुलने लगती हैं।फिल्म में दिखाया गया है कि अवैध कारोबार पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश किस तरह अलग-अलग पक्षों के बीच संघर्ष को जन्म देती है। कहानी में अपराध, सत्ता और तस्करी के नेटवर्क के आपसी संबंधों को भी प्रमुखता दी गई है।निर्माताओं का प्रयास इस कहानी के जरिए राजस्थान के एक ऐसे विषय को पर्दे पर लाना है, जो आमतौर पर खबरों और पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में चर्चा में रहता है।

'A' सर्टिफिकेट के साथ होगी रिलीज

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को 'A' यानी केवल वयस्कों के लिए प्रमाण पत्र दिया है। इस श्रेणी के प्रमाण पत्र वाली फिल्में 18 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं मानी जातीं।फिल्म की पृष्ठभूमि में अपराध, अवैध तस्करी और हिंसक घटनाओं से जुड़े प्रसंग शामिल हैं। इसकी कहानी अफीम की खेती से लेकर तस्करी के कारोबार और उससे जुड़े कथित प्रभावशाली नेटवर्क तक पहुंचती है।फिल्म में नारकोटिक्स विभाग की भूमिका और स्थानीय सत्ता के साथ अपरा जगत के टकराव को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है।

मेवाड़ी भाषा और स्थानीय परिवेश पर जोर

'अमलपट्टा' की खासियत इसका मेवाड़ी परिवेश और क्षेत्रीय भाषा है। फिल्म के जरिए स्थानीय पृष्ठभूमि में घटने वाली अपराध की कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जाएगा।क्षेत्रीय सिनेमा में स्थानीय भाषा, संस्कृति और सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित कहानियां दर्शकों को अपने आसपास के परिवेश से जुड़ने का अवसर देती हैं। इसी क्रम में 'अमलपट्टा' मेवाड़ी भाषा में क्राइम-थ्रिलर शैली को सामने लाने का प्रयास करती है।फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के साथ अब दर्शकों की उत्सुकता इसकी कहानी, किरदारों और पर्दे पर दिखाए जाने वाले घटनाक्रम को लेकर बढ़ गई है।

12 नवंबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

आरजे 27 प्रोडक्शन यूनिवर्सल के बैनर तले बनी 'अमलपट्टा' 12 नवंबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी अफीम तस्करी के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई और उससे जुड़ी हत्या के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है।उदयपुर में ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म को लेकर क्षेत्रीय सिनेमा के दर्शकों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि मेवाड़ी भाषा में बनी यह क्राइम-थ्रिलर बड़े पर्दे पर अपनी कहानी और स्थानीय परिवेश को किस तरह प्रस्तुत करती है।

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