उदयपुर में घायल मरीजों के इलाज पर उठाए सवाल तो नर्सिंग स्टाफ से मारपीट, CCTV में कैद हुई घटना
उदयपुर के ऋषभदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार रात घायल मरीजों के इलाज को लेकर विवाद हो गया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल पहुंचे चार युवकों ने नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट कर दी। आरोप है कि युवकों ने नर्सिंग ऑफिसरों को लात-घूंसों से पीटा। मारपीट में एक नर्सिंग स्टाफ के चेहरे पर चोट आई है। पूरी घटना अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
सड़क हादसे में घायल हुए थे दो युवक
नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र डामोर के अनुसार, बुधवार रात हाईवे पर सड़क हादसा हुआ था। हादसे में राकेश पुत्र हीरालाल और लालूराम पुत्र जगदीश घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए ऋषभदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां चिकित्सकीय उपचार के लिए उन्हें भर्ती कर लिया गया।कुछ देर बाद दोनों घायलों के चार साथी युवक अस्पताल पहुंचे। नर्सिंग ऑफिसर पुष्पेंद्र डामोर का आरोप है कि चारों युवक नशे की हालत में थे और उन्होंने अस्पताल के स्टाफ से घायलों के इलाज में लापरवाही को लेकर सवाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
समझाइश के बाद भी नहीं माने युवक
पुष्पेंद्र डामोर के मुताबिक, अस्पताल स्टाफ ने युवकों को समझाने की कोशिश की और विवाद नहीं करने के लिए कहा, लेकिन वे शांत नहीं हुए। इसके बाद युवकों ने उनके और उनके साथी नर्सिंग ऑफिसर रामकृष्ण डोडा के साथ मारपीट शुरू कर दी।आरोप है कि युवकों ने दोनों नर्सिंग स्टाफ को लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान एक नर्सिंग स्टाफ के चेहरे पर चोट लग गई। अस्पताल में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। मारपीट की पूरी घटना अस्पताल के CCTV कैमरे में कैद हो गई।
CCTV फुटेज से सामने आएगी पूरी घटना
घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। नर्सिंग स्टाफ की ओर से मामले की शिकायत की गई है। CCTV फुटेज को भी जांच का अहम आधार माना जा रहा है। फुटेज में अस्पताल परिसर में युवकों और नर्सिंग स्टाफ के बीच हुई मारपीट की घटना रिकॉर्ड हुई है।फिलहाल विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में शामिल चारों युवकों के खिलाफ पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि मरीजों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर युवकों ने पहले गाली-गलौज की और बाद में उनके साथ मारपीट की।अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की नाराजगी को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह मारपीट की घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं।

