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उदयपुर में लेपर्ड पिंजरे में कैद, सज्जनगढ़ अभयारण्य में शिफ्ट, वीडियो में जाने ग्रामीणों में 5 दिन बाद राहत, सतर्कता की अपील जारी

उदयपुर में लेपर्ड पिंजरे में कैद, सज्जनगढ़ अभयारण्य में शिफ्ट, वीडियो में जाने ग्रामीणों में 5 दिन बाद राहत, सतर्कता की अपील जारी

राजस्थान के Udaipur के उपली बड़ी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत फैलाने वाला लेपर्ड आखिरकार वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित पकड़कर Sajjangarh Wildlife Sanctuary में शिफ्ट कर दिया है।पिछले लगभग 5 दिनों से इस इलाके में लेपर्ड की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। कई बार उसके देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगाया था, जिसके बाद यह सफल रेस्क्यू संभव हो सका।

वन विभाग के अनुसार, इस लेपर्ड के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। हमले के दौरान वह लहूलुहान हो गई थीं और बाद में उनकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में लोगों में दहशत और अधिक बढ़ गई थी।लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन वन विभाग ने अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल से सटे आबादी वाले क्षेत्रों में अभी भी जंगली जानवरों की आवाजाही की संभावना बनी रह सकती है।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विशेषकर रात के समय अकेले बाहर न निकलें और बच्चों को भी सावधानी के साथ घर के अंदर रखें। साथ ही खेतों और जंगल के किनारे वाले इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।अधिकारियों ने बताया कि लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उसके स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उसे उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां वह प्राकृतिक वातावरण में रह सके।

घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इलाके में और कोई जंगली जानवर सक्रिय है। फिलहाल लेपर्ड के पकड़े जाने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा है कि पूरी तरह सतर्कता अभी भी जरूरी है।

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