उदयपुर में घरेलू हिंसा का खौफनाक मामला, वीडियो में देखें झगडे के बाद पति ने बच्चों के सामने ही पीट-पीटकर पत्नी को जान से मारा
उदयपुर जिले में घरेलू हिंसा का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बहस के बाद गुस्से में आए पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। घटना के दौरान बच्चों ने मां को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी ने उनकी एक न सुनी और मारपीट करता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल गांव की है। जानकारी के अनुसार पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी पति आपा खो बैठा और पत्नी के साथ लात-घूंसे से मारपीट करने लगा। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब पति पत्नी को पीट रहा था, उस समय उनके बच्चे भी घर में मौजूद थे। बच्चों ने अपनी मां को बचाने के लिए बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने किसी की नहीं सुनी और लगातार मारपीट करता रहा। बच्चों की आंखों के सामने हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
घटना की सूचना मिलने पर गोगुंदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उदयपुर के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद मृतका के परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की।
गोगुंदा थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी पति वारदात के बाद से फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस घटना के बाद उंडीथल गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घरेलू विवाद अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसा और हत्या बेहद दुखद और निंदनीय है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जहां मामूली विवाद भी जानलेवा साबित हो जाते हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के घरेलू विवाद की स्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और समय रहते सहायता लें, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

