उदयपुर हाईवे पर बीजेपी नेता और RTO इंस्पेक्टर में विवाद, रिश्वत के आरोप के बीच गाली-गलौज का वीडियो वायरल
राजस्थान के उदयपुर जिले में उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे पर बीजेपी नेता और आरटीओ (RTO) इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाद उस समय शुरू हुआ जब परिवहन विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर को रोककर जब्त कर लिया, जिस पर पोल के लिए गड्ढे खोदने वाली मशीन लगी हुई थी। मामले की जानकारी मिलने पर बीजेपी के गोगुंदा मंडल अध्यक्ष Nikhil Kothari मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर को अपना बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई, जो कथित तौर पर गाली-गलौज तक पहुंच गई।
ट्रैक्टर जब्त करने के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, आरटीओ टीम ने हाईवे पर चल रहे ट्रैक्टर को रोककर जांच की थी। ट्रैक्टर पर पोल लगाने के लिए गड्ढे खोदने वाली मशीन लगी हुई थी। जांच के बाद वाहन को जब्त कर लिया गया।इसके बाद मौके पर पहुंचे निखिल कोठारी ने दावा किया कि ट्रैक्टर उनका है और चालक उनके स्टाफ का सदस्य है। उन्होंने कहा कि वाहन को ठेके पर दिया गया था और कार्रवाई उचित नहीं है।
RTO इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि मामले को खत्म करने के लिए आरटीओ इंस्पेक्टर की ओर से 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी की ओर से इस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
वीडियो में दिखी तीखी बहस
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर बीजेपी नेता और आरटीओ अधिकारियों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में नेता यह कहते हुए नजर आते हैं कि उन्हें "पूरा सिस्टम पता है"। साथ ही राजकार्य में बाधा डालने के मामले में कार्रवाई की चर्चा भी सुनाई देती है।वीडियो में कई बार आपत्तिजनक भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल होने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच के बाद ही तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
RTO कर्मचारियों ने बनाया वीडियो
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरटीओ कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और मामले को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
जांच और कार्रवाई पर नजर
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रिश्वत मांगने के आरोप और राजकार्य में बाधा जैसे दावों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।प्रशासन की ओर से यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज की जाती है तो मामले की विस्तृत जांच की जा सकती है। वहीं, वायरल वीडियो के आधार पर भी संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

