Samachar Nama
×

उदयपुर की झीलों में पेट्रोल-डीजल बोटों पर रोक, पर्यावरण को बनाया जाएगा प्रदूषण मुक्त

उदयपुर की झीलों में पेट्रोल-डीजल बोटों पर रोक, पर्यावरण को बनाया जाएगा प्रदूषण मुक्त

उदयपुर की झीलों में अब पेट्रोल और डीजल चालित बोटों का दौर समाप्त होने वाला है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब इन बोटों के लिए नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही, पुरानी पेट्रोल और डीजल वाली बोटों को भी सीज किया जाएगा। यह कदम झीलों को प्रदूषण मुक्त बनाने और पर्यटन स्थलों के पर्यावरणीय संरक्षण के उद्देश्य से उठाया गया है।

जिला स्तरीय झील विकास समिति के अध्यक्ष ने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी नई पेट्रोल या डीजल चालित बोट को लाइसेंस न दिया जाए। उन्होंने कहा कि झीलों की स्वच्छता और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से पेट्रोल और डीजल वाली बोटों के कारण झीलों में जल प्रदूषण बढ़ रहा था। इन बोटों से निकलने वाला धुआँ और तेल का रिसाव पानी और आसपास के पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित हो रहा था। प्रशासन का मानना है कि इलेक्ट्रिक या सौर ऊर्जा से चलने वाली बोटों को बढ़ावा देने से पर्यटन के साथ-साथ झीलों की साफ-सफाई भी बनी रहेगी।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम को स्वागत योग्य बताया। उनका कहना है कि झीलों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए यह निर्णय आवश्यक था। अब पर्यटक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में झीलों का आनंद ले सकेंगे।

इस निर्णय के बाद झील क्षेत्र में काम कर रहे बोट संचालकों को पुराने लाइसेंस और बोटों के बंद होने की जानकारी दे दी गई है। प्रशासन ने यह भी कहा कि जिन बोटों को सीज किया जाएगा, उनके मालिकों को उचित मार्गदर्शन और विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।

उदयपुर प्रशासन का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन स्थलों की स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में झीलों में इलेक्ट्रिक बोटों के संचालन से पर्यावरणीय संतुलन और पर्यटन की गुणवत्ता दोनों बढ़ेगी।

Share this story

Tags