उदयपुर में धर्म परिवर्तन के आरोप, वीडियो में देंखे आदिवासी इलाकों में मिशनरी गतिविधियों पर जांच की मांग तेज
राजस्थान के उदयपुर जिले के दूरस्थ आदिवासी इलाकों में कथित धर्म परिवर्तन गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ऋषभदेव क्षेत्र के कानूवाड़ा बिलखाई और कागदर जैसे गांवों में आदिवासी परिवारों को प्रभावित कर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए गए हैं।
बीमारी और लालच के जरिए प्रभाव डालने का आरोप
स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों के अनुसार, कुछ बाहरी लोगों द्वारा आदिवासी परिवारों को बीमारी ठीक करने, आर्थिक सहायता देने और अन्य प्रलोभनों के जरिए प्रभावित किया जा रहा था। साथ ही दबाव और धमकी देने की भी बातें सामने आई हैं।
बाहरी लोगों की आवाजाही का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन गांवों में कथित तौर पर छत्तीसगढ़ और झारखंड से जुड़े कुछ मिशनरी कार्यकर्ताओं की आवाजाही देखी गई है। आरोप है कि ये लोग लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और स्थानीय समुदाय के बीच संपर्क बढ़ा रहे हैं।
‘धार्मिक बदलाव’ का दावा
स्थानीय दावों के मुताबिक, कुछ गांवों में 20 प्रतिशत से अधिक आदिवासी परिवारों ने कथित रूप से ईसाई धर्म अपना लिया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धार्मिक संवाद और सामाजिक प्रभाव के आरोप
आरोप यह भी हैं कि कुछ लोगों के माध्यम से परिवारों के बीच धार्मिक संवाद कर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर नकारात्मक बातें फैलाई जा रही थीं, जिससे स्थानीय समुदाय के विश्वास में बदलाव आने की बात कही जा रही है।
प्रशासन और जांच की स्थिति
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय स्तर पर मामले की जांच की मांग उठ रही है, ताकि तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके।

