हज यात्रा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। चयनित हज यात्रियों को जहां तीसरी किश्त जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं अब अलग-अलग शहरों से हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए हवाई किराया भी अलग-अलग तय किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हज यात्रा के लिए निर्धारित हवाई किराया प्रस्थान केंद्र (एम्बार्केशन प्वाइंट) के आधार पर तय किया गया है। उड़ान की दूरी, एयरपोर्ट सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह राशि निर्धारित की गई है। इसके चलते देश के विभिन्न शहरों से जाने वाले यात्रियों को अलग-अलग किराया देना होगा।
हज कमेटी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद, कोलकाता जैसे प्रमुख एम्बार्केशन प्वाइंट से जाने वाले यात्रियों के किराए में अंतर देखा जा सकता है। जिन शहरों से दूरी अधिक है या जहां से सीधी उड़ानों की व्यवस्था सीमित है, वहां के यात्रियों को अपेक्षाकृत अधिक राशि चुकानी पड़ सकती है।
इस नए निर्धारण से यात्रियों को पहले से ही अपने खर्च का स्पष्ट अंदाजा हो सकेगा। हालांकि, कुछ यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बन सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो दूरस्थ क्षेत्रों से हज यात्रा पर जा रहे हैं।
हज यात्रा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर तीसरी किश्त जमा करानी अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर उनकी यात्रा रद्द भी की जा सकती है। साथ ही, यात्रियों को आवश्यक दस्तावेज और स्वास्थ्य संबंधी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

