टोंक में खुदाई में मिले रहस्यमयी घड़े का खुलासा, नकली सोने की ईंट के साथ दो गिरफ्तार
राजस्थान के टोंक जिले में खुदाई के दौरान मिले रहस्यमयी घड़े (देग) को लेकर सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ। जयपुर से पहुंची पुरातत्व विभाग (ASI) की टीम ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि इस घड़े में जो सामग्री मिली थी, वह प्राचीन अवशेष या मूल्यवान धातु नहीं, बल्कि अन्य सामग्रियों से भरी हुई थी।
टीम ने कहा कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि घड़ा किसी स्थानीय या पारंपरिक उपयोग के लिए रखा गया था और इसमें कोई प्राचीन खजाना नहीं था। इसके बावजूद घड़े को देखकर स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता और चर्चा बनी हुई थी।
उधर, इस घड़े की जांच के दौरान पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से नकली सोने की ईंटें बरामद हुई हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक नकली सोने की ईंटों को असली बताकर किसी बड़ी आर्थिक या ठगी की वारदात की योजना बना रहे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक अपने जाल को लोगों को लुभाने और आर्थिक लाभ लेने के लिए तैयार कर रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “दोनों युवकों ने नकली सोने की ईंटों का इस्तेमाल करके लोगों को धोखा देने की योजना बनाई थी। यह एक गंभीर मामला है और हम पूरी जांच कर रहे हैं कि उन्होंने कहां-कहां इसे इस्तेमाल करने की कोशिश की। आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानिय लोग बताते हैं कि घड़े की खुदाई से पहले इलाके में काफी अफवाहें और अटकलें चल रही थीं कि इसमें कोई प्राचीन खजाना या सोने-चांदी के सिक्के छिपे हैं। इस वजह से ASI और पुलिस दोनों ही सक्रिय हो गए और जांच की।
पुरातत्व विशेषज्ञों ने कहा कि टोंक और आसपास के क्षेत्र में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की कई वस्तुएं मिल चुकी हैं। लेकिन घड़े में मिली सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि हर बार रहस्यमयी दिखने वाली चीज़ें जरूरी नहीं कि खजाने या मूल्यवान वस्तुएं हों। उन्होंने लोगों से अपील की कि खुदाई और पुरातात्विक खोज के मामलों में सतर्क और कानूनन सहयोगी बने रहें।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को चेताया है कि अनधिकृत खुदाई और अफवाहों पर विश्वास करने से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में कानून और सुरक्षा प्राधिकरण की अनुमति के बिना कोई कार्रवाई न की जाए।
इस घटना ने टोंक में लोगों की जिज्ञासा और रोमांच दोनों बढ़ा दी है। हालांकि घड़े का रहस्य सुलझ गया है, लेकिन नकली सोने की ईंटों का मामला अब पुलिस और प्रशासन के लिए सावधानी और सतर्कता का सबक बन गया है।
इस प्रकार, टोंक जिले में खुदाई में मिले रहस्यमयी घड़े का पुरातत्व विभाग ने खुलासा कर दिया और नकली सोने की ईंट के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया कि अफवाह और जिज्ञासा के बीच भी कानून और सुरक्षा व्यवस्था सतर्क रहती है।

