नेशनल हाईवे-52 पर ट्रेलर ने कंटेनर को मारी टक्कर, पुल से लटकने से ड्राइवर फंसा
मंगलवार रात टोंक जिले में नेशनल हाईवे-52 के बनास नदी पुल पर एक खतरनाक हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, ब्रेकडाउन होकर खड़े कंटेनर को तेज रफ्तार ट्रेलर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कंटेनर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में लटक गया।
हादसे के समय ट्रेलर की केबिन में ड्राइवर फंस गया, जिसे निकालने के लिए आपातकालीन और राहत टीमों को लगभग 3 घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। ड्राइवर को अंततः बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय पुलिस और नेशनल हाईवे प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और हादसे के बाद ट्रैफिक को नियंत्रित किया। पुलिस ने बताया कि पुल पर कंटेनर लटकने के कारण सड़क पर काफी देर तक जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस हादसे की पूरी जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें ट्रेलर की गति, ड्राइवर की लापरवाही और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर सावधानी बरतें और विशेषकर पुल और संकरी सड़कों पर गति नियंत्रण का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेकडाउन या खराब वाहन को सुरक्षित जगह पर खड़ा करना अत्यंत जरूरी है। अक्सर इस तरह के हादसों में समय पर सुरक्षा उपाय न करने से जबरदस्त दुर्घटनाएँ और जान-माल का नुकसान हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल पर यह हादसा देर रात हुआ, इसलिए राहगीरों और वाहन चालकों को भी खतरा बना हुआ था। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि नेशनल हाईवे पर सुरक्षा संकेत, ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड बढ़ाए जाएँ, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
हालांकि, ड्राइवर को अस्पताल में इलाज मिल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस हादसे ने यह संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा और वाहन नियंत्रण पर जागरूकता और सावधानी अत्यंत जरूरी है।
इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि ब्रेकडाउन, तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन न करना बड़े हादसों का कारण बन सकता है। नेशनल हाईवे प्राधिकरण और पुलिस अब इस मार्ग पर सख्त निगरानी और यातायात सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना बना रहे हैं।
निष्कर्ष: टोंक के बनास नदी पुल पर मंगलवार रात हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को उजागर किया है। अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सावधानी, नियमों का पालन और आपातकालीन तैयारी भविष्य में ऐसे हादसों से जान और माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

