टोंक में सचिन पायलट का बयान: “मुख्यमंत्री किसान विरोधी, वीडियो में देंखे धरातल से टूटा हुआ संपर्क”
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक विधायक Sachin Pilot ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को लेकर जो बयान दे रहे हैं, वह पूरी तरह किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
रविवार शाम टोंक जिले के देवपुरा गांव में एक लाइब्रेरी के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान पायलट ने कहा कि किसानों का जीवन सिर्फ 20-25 दिनों के काम तक सीमित नहीं होता, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी फसल और खेती पर निर्भर रहती है। उन्होंने कहा कि किसान से ज्यादा मेहनत कोई नहीं करता और ऐसे में उनके योगदान को कम आंकना गलत है।
पायलट ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकारी अधिकारी भी केवल 20-25 दिन काम करते हैं, जबकि किसान पूरे साल खेतों में मेहनत करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां यह दिखाती हैं कि सत्ता में बैठे लोगों का जमीन से जुड़ाव कमजोर हो गया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में पंचायती राज व्यवस्था की स्थिति कमजोर हो रही है और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में अपेक्षित काम नहीं किए हैं और जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि राजस्थान की सरकार राज्य से चल रही है या दिल्ली से नियंत्रित हो रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति प्रशासनिक असंतुलन और निर्णय प्रक्रिया में देरी को दर्शाती है।
कार्यक्रम के दौरान पायलट ने ग्रामीण विकास और शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि ऐसी सुविधाएं गांवों में शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में फिर से बहस तेज हो गई है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना है।

