मालपुरा नगर पालिका क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सदरपुरा रोड का है, जहां स्थित मॉडल स्कूल के सामने पंचायत भवन के पास की करीब 15 से 20 बीघा सरकारी जमीन पर गुरुवार रात अज्ञात दबंगों ने अतिक्रमण कर लिया। सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में सीमेंट के खंभे गाड़कर चारों ओर तारबंदी कर जमीन पर अवैध कब्जा जमा लिया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस भूमि की बाजार कीमत कई करोड़ रुपए आंकी जा रही है, जो कि सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित मानी जाती रही है। लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते अब बुलंद हौसलों वाले अतिक्रमणकारियों ने इस पर कब्जा जमाने की कोशिश की है।
हैरानी की बात यह है कि घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ना ही किसी अधिकारी ने मौके का मुआयना किया और ना ही अतिक्रमण हटाने की कोई पहल दिखी। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और वे इसे प्रशासनिक मिलीभगत का नतीजा मान रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यह अतिक्रमण पूर्व नियोजित था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी हो सकती है। उनका कहना है कि प्रशासन अगर सजग होता, तो इतनी बड़ी जमीन पर रातोंरात तारबंदी नहीं हो पाती।
नगरपालिका और तहसील प्रशासन से जब संपर्क किया गया, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। कुछ अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है, जबकि कुछ ने कार्रवाई की बात कहकर बात टाल दी।
इस घटना ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर आमजन को छोटी-छोटी ज़मीनों पर निर्माण के लिए कई स्तरों पर अनुमति लेनी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी जमीन पर इतने बड़े स्तर पर अतिक्रमण होने के बावजूद भी प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।

