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दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास: RBSE 12वीं में 99.80% अंक, IAS सपने को मिलेगा सरकारी सहारा

दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास: RBSE 12वीं में 99.80% अंक, IAS सपने को मिलेगा सरकारी सहारा

राजस्थान के टोंक जिले से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जहां एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे Sonu Mehra ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं विज्ञान परीक्षा में 99.80 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश को चौंका दिया है।

इस असाधारण उपलब्धि के बाद छात्र की मेहनत और प्रतिभा की हर ओर सराहना हो रही है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले सोनू की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम से किसी भी परिस्थिति में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।

📘 RBSE परीक्षा में शानदार प्रदर्शन

Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) की 12वीं विज्ञान परीक्षा में सोनू मेहरा ने लगभग पूर्णांक के करीब स्कोर कर टॉप रैंक हासिल की है। परिणाम घोषित होने के बाद उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं शिक्षक और स्थानीय लोग भी उनकी उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

सोनू की पढ़ाई का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया।

🏛️ सरकार की ओर से मदद का ऐलान

इस सफलता को देखते हुए राज्य सरकार ने भी छात्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्थन का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की ओर से कहा गया है कि मेधावी छात्र के IAS बनने के सपने को साकार करने के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकारी स्तर पर कोचिंग, मार्गदर्शन और स्कॉलरशिप जैसी सुविधाएं दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि सोनू जैसे प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिल सके।

🌟 ग्रामीण पृष्ठभूमि से प्रेरणा

सोनू की कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं, लेकिन परिवार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी।

📢 पूरे प्रदेश में चर्चा

सोनू मेहरा की इस उपलब्धि की चर्चा सोशल मीडिया से लेकर शिक्षा जगत तक हो रही है। लोग इसे “संघर्ष से सफलता” की एक मिसाल बता रहे हैं।

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