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नरेश मीणा की रिहाई में देरी से कांग्रेस नेता गुंजल नाराज, वीडियो में जानें कहा - हत्या के केस में लोग बाहर घूम रहे

नरेश मीणा की रिहाई में देरी से कांग्रेस नेता गुंजल नाराज, वीडियो में जानें कहा - हत्या के केस में लोग बाहर घूम रहे

राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, इस बार मुद्दा है निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की जेल से रिहाई में हो रही देरी। विधानसभा चुनाव के दौरान मालपुरा में एसडीएम को थप्पड़ मारने सहित अन्य मामलों में जेल में बंद नरेश मीणा की रिहाई को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रहलाद गुंजल ने तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रहलाद गुंजल ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि, "मुख्यमंत्री ने फरवरी महीने में नरेश मीणा के बुजुर्ग पिता और समर्थकों को जयपुर बुलाकर मुलाकात की थी और स्पष्ट आश्वासन दिया था कि जल्द ही सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा। लेकिन मई आ गया है, और आज तक कुछ नहीं हुआ।" उन्होंने इसे सरकार की उपेक्षा और वादाखिलाफी बताते हुए कहा कि इससे न केवल मीणा समुदाय में नाराजगी है, बल्कि आम जनता का भी सरकार से भरोसा उठ रहा है।

गुंजल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर देरी की जा रही है, ताकि नरेश मीणा की राजनीतिक सक्रियता को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के आत्मसम्मान और विश्वास का है।

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान टोंक जिले के मालपुरा क्षेत्र में एक चुनावी विवाद के चलते नरेश मीणा पर एसडीएम को थप्पड़ मारने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तब से लेकर अब तक वे न्यायिक हिरासत में हैं।

इस पूरे मामले को लेकर नरेश मीणा के समर्थक और समुदाय के लोग लगातार सरकार से रिहाई की मांग कर रहे हैं। कुछ महीने पहले जयपुर में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी, जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। लेकिन फिलहाल तक कोई स्पष्ट कार्यवाही नहीं हुई है।

प्रहलाद गुंजल ने कहा, "अगर जल्द ही सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो हम पूरे प्रदेश में आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह केवल नरेश मीणा का मामला नहीं है, यह उन सभी युवाओं की आवाज है जो न्याय की उम्मीद करते हैं।"

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में कांग्रेस के लिए राजनीतिक सिरदर्द बन सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मीणा समुदाय का प्रभाव है।

सरकार की ओर से इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस मसले पर रिपोर्ट मंगा चुका है और कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

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