श्रीगंगानगर में गुमसुम पीड़िता ने शिक्षिका से साझा किया दर्द, एफआईआर दर्ज होते ही हरकत में आई पुरानी आबादी पुलिस
शहर में एक संवेदनशील मामले में एक गुमसुम और सहमी हुई पीड़िता ने अपने परिजनों की बजाय स्कूल की शिक्षिका पर भरोसा जताते हुए अपना दर्द साझा किया। बच्ची की आपबीती सुनते ही शिक्षिका ने तत्परता दिखाते हुए मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर पुरानी आबादी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान और चुपचाप रहने लगी थी। परिजनों और आसपास के लोगों ने उसके व्यवहार में बदलाव तो महसूस किया, लेकिन वह किसी से खुलकर बात नहीं कर पा रही थी। स्कूल में भी वह गुमसुम रहने लगी थी। इसी दौरान उसकी शिक्षिका ने बच्ची की मनःस्थिति को भांपते हुए उससे बातचीत की और विश्वास दिलाया।
शिक्षिका के भरोसे और समझाइश के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई आपबीती साझा की। घटना की गंभीरता को देखते हुए शिक्षिका ने बिना देर किए स्कूल प्रबंधन और परिजनों को सूचना दी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचाया गया।
शिकायत के आधार पर पुरानी आबादी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बच्चों और किशोरों के लिए शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भरोसे का मजबूत सहारा भी होते हैं। शिक्षिका की सतर्कता और संवेदनशीलता के चलते मामला समय रहते सामने आ सका, जिससे आगे की कार्रवाई संभव हो पाई।
स्थानीय लोगों ने शिक्षिका की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि अगर हर शिक्षक और अभिभावक बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें, तो कई घटनाओं को समय रहते रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

