श्रीगंगानगर में बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़ गई मां: सींग पकड़कर किया मुकाबला, पसलियां टूटीं, CCTV में कैद हुई घटना
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक मां ने अपनी पांच साल की बेटी की जान बचाने के लिए अद्भुत साहस का परिचय दिया। ट्यूशन से लौट रही बच्ची पर घर के बाहर अचानक एक गाय ने हमला कर दिया। बेटी को खतरे में देख मां बिना अपनी जान की परवाह किए गाय से भिड़ गई। इस दौरान गाय ने महिला को दो बार पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी पसलियां टूट गईं। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
ट्यूशन से लौटते समय हुआ हमला
यह घटना मंगलवार शाम श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान क्षेत्र की सीआरके कॉलोनी (वार्ड नंबर-26) में हुई। पांच वर्षीय बच्ची ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह घर के सामने पहुंची, एक गाय ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
बेटी को बचाने के लिए गाय से भिड़ गई मां
बेटी पर हमला होते देख उसकी मां तुरंत घर से बाहर दौड़ी और गाय के दोनों सींग पकड़कर उसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान गाय ने महिला पर भी हमला कर दिया। महिला को दो बार जमीन पर पटक दिया और पैरों से कुचल दिया, जिससे उसकी पसलियों में गंभीर चोट आई।हालांकि, मां ने हार नहीं मानी और लगातार बेटी को गाय से बचाने का प्रयास करती रही।
पिता और पड़ोसियों ने मिलकर बचाई जान
शोर सुनकर बच्ची के पिता और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर किसी तरह गाय को वहां से भगाया और मां-बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
CCTV में कैद हुई 50 सेकेंड की घटना
पूरी घटना सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। करीब 50 सेकेंड का यह वीडियो गुरुवार को सामने आया, जिसमें गाय का हमला और मां द्वारा बेटी को बचाने के लिए किए गए संघर्ष को देखा जा सकता है।
मां बोली- 'मुझे सिर्फ अपनी बेटी की जान बचानी थी'
घटना के बाद महिला ने कहा, "जब मैंने अपनी बच्ची पर गाय को हमला करते देखा तो मेरे होश उड़ गए। मुझे बस यही लग रहा था कि किसी भी तरह अपनी बेटी को बचाना है। गाय मुझे सींग मार रही थी और पैरों से कुचल रही थी, लेकिन उस समय मुझे अपनी नहीं, सिर्फ हरकीरत की जान की चिंता थी।"
आवारा पशुओं को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने आवारा पशुओं की समस्या पर चिंता जताई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में घूम रहे आवारा मवेशियों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

