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जिला अस्पताल में शुगर जांच के नाम पर 300 रुपये की अवैध वसूली, निगरानी टीम ने लैब टेक्नीशियन को रंगे हाथों पकड़ा

जिला अस्पताल में शुगर जांच के नाम पर 300 रुपये की अवैध वसूली, निगरानी टीम ने लैब टेक्नीशियन को रंगे हाथों पकड़ा

जिला अस्पताल में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब शुगर जांच के नाम पर एक बुजुर्ग ग्रामीण से 300 रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया। आरोप है कि अस्पताल के कमरा नंबर पांच में तैनात लैब टेक्नीशियन ने जांच के लिए पैसे वसूले और बाद में बाहर की निजी लैब की रिपोर्ट थमा दी। मामला उजागर होते ही अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई और निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी टेक्नीशियन को पकड़ लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव 36 जीबी निवासी बुजुर्ग लक्ष्मण सिंह शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे शुगर जांच कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वहां मौजूद लैब टेक्नीशियन ने उनका ब्लड सैंपल लिया और जांच कराने का भरोसा दिलाया। इसके बदले उनसे 300 रुपये नकद वसूल किए गए।

लक्ष्मण सिंह ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे जब वह अपने बेटे के साथ रिपोर्ट लेने पहुंचे, तो उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा गया। इसी दौरान टेक्नीशियन ने उन्हें एक निजी लैब की रिपोर्ट थमा दी, जिससे उन्हें शक हुआ। परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से की।

शिकायत मिलते ही अस्पताल की निगरानी टीम सक्रिय हो गई। टीम ने मामले की पुष्टि के लिए योजना बनाई। बताया जा रहा है कि टेक्नीशियन को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि जिस व्यक्ति को वह रिपोर्ट सौंप रहा है, वह निगरानी दल का अधिकारी है। मौके पर ही उसे पकड़ लिया गया और पीएमओ कार्यालय ले जाया गया।

घटना की जानकारी फैलते ही अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया। मरीजों और परिजनों ने सरकारी अस्पताल में इस तरह की अवैध वसूली पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि जहां मरीज मुफ्त या रियायती जांच की उम्मीद लेकर आते हैं, वहां उनसे पैसे वसूलना बेहद शर्मनाक है।

पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया कि संबंधित लैब टेक्नीशियन संविदा पर कार्यरत है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिलता है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवाओं के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था और सख्त की जाएगी।

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