बिहार न्यूज़ डेस्क मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छोटपुर के समीप की दोपहर सिविल कोर्ट के एक कर्मी की हत्या कर दी गई. मृतक महादेवा थाना क्षेत्र के महादेवा मिशन निवासी स्व. नवल किशोर मांझी का वर्षीय पुत्र गोल्डेन कुमार है.
इस घटना को लेकर मृतक के भाई के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें से एक आरोपित की गिरफ्तारी हो जाने की बात बताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी है. उधर, इस घटना के विरोध में सदर अस्पताल के सामने लोगों ने रोड जाम कर हत्या करनेवालों की गिरफ्तारी की मांग किए थे. बताया गया है कि गोल्डेन कुमार दो वर्षों से सिविल कोर्ट में कार्यरत था. की दोपहर को छोटपुर के समीप से उसका शव बरामद किया गया. प्रथम दृष्टया गोल्डेन कुमार के शरीर पर तीन जगहों पर गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं. बताया गया है कि गर्दन, पीठ व हाथ में जख्म के निशान हैं. प्राथमिकी में उसके भाई ने हत्या का कारण जमीन संबंधी विवाद की बात पुलिस को बताई गई है. उसने कहा है कि पहले से ही जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी कारण, उसके भाई की हत्या कर दी गई है. पुलिस ने उसके भाई के बयान पर मुफ्फसिल थाने में कांड संख्या 348 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
कर्मी के हत्या के विरोध में न्यायिक कार्य से अलग रहे अधिवक्ता व कर्मी प्रथम अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश विजय कृष्ण सिंह के न्यायालय के कर्मी राकेश कुमार उर्फ गोल्डन की हत्या दिन दहाड़े कर दी गई थी. इसको लेकर अधिवक्ता व न्यायालय के कर्मचारी कार्य से अलग रहे. प्रशासन से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की गई.
व्यवहार न्यायालय के अधिकांश अधिवक्ता स्वत अपने को न्यायिक कार्य से अलग कर लिए. इस बीच कोर्ट के कर्मचारियों ने भी प्रशासन के उदासीनतापूर्ण रवैए पर अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखा. फलत न्यायालय का कोई कार्य नहीं हो सका. दूर- दराज के इलाके से पहुंचे लोगों का न्यायिक कार्य नहीं होने से उन्हें बगैर न्यायिक कार्य के ही उन्हें वापस लौटना पड़ा. अधिवक्ता समुदाय का कहना था कि कोर्ट के कर्मचारी उनके अभिन्न अंग है. न्यायालय के कार्यों में उनकी भी अहम भूमिका है. अगर उनके साथ ऐसी वारदातें होती रहीं तो वे कैसे कार्य करेंगे.
सिवान न्यूज़ डेस्क

