सीकर के खाटू श्याम मंदिर में फाल्गुनी लक्खी मेले का चौथा दिन, एक्सक्लूसिव फुटेज में जाने लाखों श्रद्धालु जुटे, भजनों और जयकारों से गूंजा माहौल
राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में चल रहे बाबा श्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले का आज चौथा दिन है। मेले में अब तक करीब 4 लाख श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि आज 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हालांकि, अभी तक जिगजैग बैरिकेडिंग नहीं खोली गई है।
मेला 21 फरवरी से शुरू हुआ था और 28 फरवरी तक चलेगा। चौथे दिन बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार देशभर से लाए गए देशी और ग्राफ्टेड गुलाबों से किया गया। मेरठ, बंगाल और सूरत से आए इन गुलाबों से मंदिर का माहौल भक्तिमय और भव्य बना। श्रद्धालु और आयोजक दोनों ने ही श्रृंगार की भव्यता की सराहना की।
मेले का रंग पूरी तरह जम गया है। चारों ओर श्रद्धालुओं की आवाज़, जयकारें और भजन की धुनें सुनाई दे रही हैं। “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से पूरा मेला गूंज रहा है। रींगस, मंढा और पचार की ओर से आने वाले मार्गों पर श्रद्धालुओं के जत्थे खाटू की ओर बढ़ रहे हैं। लोग नाचते-गाते, हाथों में पीले निशान थामे, भजनों की धुन पर झूमते हुए मंदिर तक पहुंच रहे हैं।
विशेष रूप से, हर उम्र के श्रद्धालु—बच्चे, युवा और बुजुर्ग—उत्सव में भाग ले रहे हैं। कुछ श्रद्धालु लंबी पदयात्रा कर खाटू श्याम मंदिर तक पहुंचे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस और प्रशासन ने मेले के चारों ओर विशेष इंतज़ाम किए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मेला धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। फाल्गुनी लक्खी मेला भक्तों को बाबा श्याम के प्रति भक्ति प्रकट करने का अवसर देता है और साथ ही राजस्थान की परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों को भी प्रदर्शित करता है। श्रद्धालु भक्तिमय माहौल में ढोल-नगाड़ों और भजनों के साथ मस्ती और उल्लास का अनुभव कर रहे हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की उम्मीद है। प्रशासन ने मंदिर परिसर में स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं भी पूरी कर रखी हैं। इसके अलावा, यातायात और पार्किंग की सुविधा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त इंतज़ाम किए गए हैं।
कुल मिलाकर, फाल्गुनी लक्खी मेला न केवल भक्तिमय उत्सव का प्रतीक बन चुका है, बल्कि यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सांस्कृतिक और धार्मिक अनुभव का अवसर भी प्रदान करता है। खाटू श्याम मंदिर में यह उत्सव पूरे राजस्थान में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा है।

