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श्यामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, लेकिन गलियों के चौड़ीकरण पर प्रशासनिक सुस्ती से उठे सवाल

श्यामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, लेकिन गलियों के चौड़ीकरण पर प्रशासनिक सुस्ती से उठे सवाल

श्यामनगरी में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आस्था और आने वाले भक्तों की बढ़ती संख्या के बावजूद तंग गलियों के चौड़ीकरण की प्रक्रिया अब भी फाइलों में अटकी हुई है। स्थिति यह है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रशासन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस रोडमैप तैयार नहीं कर सका है।

स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि श्यामनगरी में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ी है। विशेष अवसरों और त्योहारी सीजन में यहां भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे संकरी गलियों में आवागमन बाधित हो जाता है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ता है।

न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद उम्मीद थी कि प्रशासन तेजी से कार्ययोजना तैयार करेगा और चौड़ीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई स्पष्ट कार्य योजना सामने नहीं आ सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तंग गलियों के कारण न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी होती है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकता है। भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर भी कई बार चुनौतियां सामने आ चुकी हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चौड़ीकरण की योजना में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और संरचनात्मक बदलाव जैसे कई तकनीकी और कानूनी पहलू शामिल हैं, जिनके कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है। हालांकि, इस देरी पर अब सवाल उठने लगे हैं कि जब न्यायालय का आदेश मौजूद है, तो कार्यान्वयन में इतनी धीमी गति क्यों है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बेहतर आधारभूत संरचना से न केवल भीड़ प्रबंधन आसान होगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय पर शहरी नियोजन और सड़क चौड़ीकरण बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा जोखिम न पैदा हो।

फिलहाल श्यामनगरी में गलियों के चौड़ीकरण की फाइल आगे बढ़ने का इंतजार कर रही है, जबकि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रशासन पर अब जल्द निर्णय लेकर कार्य शुरू करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

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