खाटूश्यामजी फाल्गुन मेले की तैयारियां शुरू, वीडियो में देखें इस बार घट सकते हैं मेला के दिन, भक्तों को मिलेंगी नई सुविधाएं
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर के फाल्गुन मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाले इस मेले को लेकर इस बार बड़ा बदलाव संभव है। फरवरी में आयोजित होने वाले फाल्गुन मेले के दिनों की संख्या घटाई जा सकती है। इस संबंध में मंगलवार को मेला कमेटी और जिला प्रशासन की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस बार मेले की अवधि को लेकर नए सिरे से मंथन किया जा रहा है। अब तक खाटूश्यामजी का फाल्गुन मेला परंपरागत रूप से 12 दिनों तक आयोजित होता रहा है, लेकिन पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह सामने आया है कि मेले के शुरुआती चार दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। इन शुरुआती दिनों में प्रतिदिन करीब 80 हजार से लेकर 1.30 लाख श्रद्धालु ही खाटूधाम पहुंचते हैं।
वहीं, मेले के अंतिम आठ दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। आंकड़ों के मुताबिक इन आठ दिनों में करीब 20 लाख से अधिक भक्त बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मेला कमेटी मेले के दिनों को घटाकर केवल आठ दिन करने पर विचार कर रही है, ताकि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
यदि मंगलवार की बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बन जाती है, तो वर्ष 2026 में खाटूश्यामजी का फाल्गुन मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इससे पहले मेले की शुरुआत 21 फरवरी से प्रस्तावित है, लेकिन समापन तिथि को लेकर अब नए सिरे से योजना बनाई जा रही है।
इसके साथ ही इस बार फाल्गुन मेले में श्रद्धालुओं को कई नए बदलाव भी देखने को मिलेंगे। प्रशासन की ओर से कुल पांच बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित करना प्रमुख है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन लाइनों में बदलाव, अलग-अलग स्लॉट में दर्शन की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सूचना तंत्र विकसित किया जा सकता है।
इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी नए प्रयोग किए जा रहे हैं। मेले के दौरान लगने वाले भारी ट्रैफिक को देखते हुए शहर और मंदिर के आसपास नए पार्किंग स्पॉट चिन्हित किए जा सकते हैं। इससे श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल चलने की परेशानी से राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी।
प्रशासन का मानना है कि मेले के दिनों को सीमित करने और व्यवस्थाओं में सुधार करने से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, साथ ही सुरक्षा, स्वच्छता और आपात सेवाओं का संचालन भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
फिलहाल श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों की नजर मंगलवार को होने वाली बैठक पर टिकी हुई है। बैठक में लिए जाने वाले फैसलों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आने वाले फाल्गुन मेले में क्या-क्या बदलाव देखने को मिलेंगे। खाटूश्यामजी के भक्तों में इस मेले को लेकर हमेशा की तरह उत्साह बना हुआ है और प्रशासन भी इसे शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों में जुट गया है।

