सीकर में बुजुर्ग महिलाओं के गहने लूटने वाली गैंग का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार; 100 से ज्यादा वारदात का दावा
सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने लूटने वाली गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले महिलाओं से बातचीत कर उनका ब्रेनवॉश करते थे और फिर किसी बहाने से उन्हें सुनसान जगह ले जाकर वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी देशभर में 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वारदात से पहले गरीब लोगों को रुपए दान करते थे। इसके बाद बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गहने और नकदी लूट लेते थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनसे अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कपड़े दिलाने के बहाने बुजुर्ग महिला को ले गए
मामला 13 अप्रैल का है। कैलाश सिंह ने 14 अप्रैल को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मां लिछमा कपड़े खरीदने के लिए 13 अप्रैल को सीकर आई थीं।
इसी दौरान सुभाष चौक के पास उन्हें तीन व्यक्ति मिले। आरोपियों ने बातचीत के दौरान महिला से कहा कि पास में एक नई दुकान खुली है, जहां कपड़े काफी सस्ते मिलते हैं। उन्होंने महिला को वहां से कपड़े दिलाने की बात कही।
आरोप है कि उनकी बातों में आकर महिला उनके साथ चली गई। तीनों व्यक्ति उन्हें बनारसी हॉस्पिटल की गली की तरफ ले गए। वहां मौका पाकर आरोपियों ने महिला के गले से सोने का मादलिया छीन लिया। इसके साथ ही उनके पास रखे 25 हजार रुपये भी ले लिए।
ब्रेनवॉश कर बनाते थे महिलाओं को निशाना
पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य बुजुर्ग महिलाओं को बातचीत में उलझाकर उनका भरोसा जीतते थे। इसके बाद उन्हें सस्ते सामान या किसी अन्य फायदे का लालच दिया जाता था। महिला के उनके साथ जाने के बाद आरोपी मौका देखकर गहने और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के साथ गैंग के अन्य सदस्य भी जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई वारदातों की जानकारी जुटा रही है।
वारदात से पहले गरीबों को देते थे पैसे
पुलिस जांच में आरोपियों की एक और गतिविधि सामने आई है। बताया जा रहा है कि वे वारदात को अंजाम देने से पहले गरीब और जरूरतमंद लोगों को रुपए दान करते थे। इसके बाद बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन शहरों में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने किन-किन जगहों पर इसी तरीके से वारदात की। पुलिस का दावा है कि गैंग 100 से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दे चुकी है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में सीकर के अलावा दूसरे राज्यों में हुई ऐसी वारदातों के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है।

