नीमकाथाना उपखंड क्षेत्र में गुरुवार शाम एक पत्थर खदान में अचानक भूस्खलन होने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में खदान में काम कर रहे चार श्रमिक मलबे की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब खदान में सामान्य खुदाई और पत्थर तोड़ने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक ऊपरी हिस्से का बड़ा भाग ढह गया और मजदूर मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद अन्य श्रमिकों और मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी गई।
तेज रेस्क्यू अभियान के दौरान तीन श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनका प्राथमिक उपचार नजदीकी अस्पताल में किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
वहीं, एक श्रमिक अभी भी मलबे में फंसा हुआ बताया जा रहा है, जिसे निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन ने मौके पर रेस्क्यू टीम, जेसीबी मशीनें और पुलिस बल तैनात कर दिया है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, खदान क्षेत्र में भूस्खलन के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लगातार खुदाई और ढलान की अस्थिरता के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
इस घटना के बाद आसपास के खदान क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो पाती।
प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए खदान संचालन और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के आदेश दिए हैं। साथ ही, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही गई है।
फिलहाल, बचाव दल अंतिम श्रमिक को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में जुटा हुआ है और पूरे इलाके में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

