नीमकाथाना के मोकलवास में क्रेशर खदान हादसा, भूस्खलन से मचा हड़कंप, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मोकलवास क्षेत्र के झरिंड़ा गांव में गुरुवार शाम एक दर्दनाक और गंभीर हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। यहां स्थित एक क्रेशर खदान में अचानक हुए भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। इस घटना ने खदान में काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
हादसे के दौरान खदान में कार्यरत कुल चार मजदूर भारी पत्थरों और मशीनों के मलबे के नीचे दब गए। घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों और कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।
स्थानीय लोगों और खदान कर्मचारियों की तत्परता के चलते तीन मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इन मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन समय पर राहत मिलने से बड़ा नुकसान टल गया।
हालांकि, एक मजदूर अब भी खदान के अंदर मलबे के नीचे फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 12 घंटों से लगातार दबा हुआ है, जिससे उसकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहत और बचाव दल लगातार उसे सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में जुटा हुआ है।
शुक्रवार सुबह होते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया। मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन की टीमों को तैनात किया गया है। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि फंसे हुए मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, खदान क्षेत्र में भूस्खलन की वजहों की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि खनन कार्य के दौरान अस्थिर चट्टानों के खिसकने से यह हादसा हुआ, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मजदूरों के परिजन घटनास्थल और अस्पताल के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और राहत कार्य में सहयोग करें। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और फंसे हुए मजदूर को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी रहेंगे।

