सीकर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की आमसभा, मजदूरों-किसानों ने किया लेबर कोड वापस लेने का प्रदर्शन
सीकर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का जन संघर्ष जत्था पहुंचा और शहर की कृषि उपज मंडी में आयोजित आमसभा में बड़ी संख्या में मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।
सभा के दौरान मंच से चार लेबर कोड को वापस लेने और पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इन कानूनों के लागू होने से श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा कमजोर होगी और शोषण बढ़ेगा।
मजदूर और किसान समुदाय की सहभागिता
सभा में शामिल लोगों ने विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। किसान और मजदूर दोनों ने मिलकर यह भी कहा कि आर्थिक नीतियां केवल बड़े उद्योगपतियों और कारपोरेट हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं, जिससे आम जनता प्रभावित हो रही है।
आगे की रणनीति
जन संघर्ष जत्थे के नेतृत्व ने मंच से आगे भी मजदूरों और किसानों को संगठित रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार श्रमिकों और किसानों की समस्याओं की अनदेखी करती रही, तो आंदोलन और व्यापक स्वरूप ले सकता है।
इस सभा ने सीकर में मजदूरों और किसानों के बीच अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम किया और भविष्य में एकजुट होकर संघर्ष करने का संदेश दिया।

