सीकर में रिश्वत मामले में बड़ा फैसला, वीडियो में देंखे पूर्व DSP समेत दो दोषी करार; एसीबी ट्रैप केस में सुनाई सजा
राजस्थान के सीकर जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। रींगस के तत्कालीन डीएसपी रहे नाथूराम महरानियां को अदालत ने 4 साल की जेल की सजा सुनाई है, जबकि उनके सहयोगी मनोज अग्रवाल को साढ़े 3 साल की कैद की सजा दी गई है।यह फैसला गुरुवार को विशेष अदालत के जज Akhilesh Kumar ने सुनाया। मामले में सहायक निदेशक अभियोजन Mukesh Kumar Sirwa ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला ढाई साल पुराना है।जानकारी के अनुसार, परिवादी के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में एफआर (Final Report) लगाने के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। आरोप है कि डीएसपी के सहयोगी मनोज अग्रवाल ने इसके लिए 2 लाख रुपये की मांग की थी, बाद में सौदा 1 लाख रुपये में तय हुआ।
मामले में कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और 50 हजार रुपये की पहली किश्त लेते हुए मनोज अग्रवाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।इसके बाद जांच में तत्कालीन डीएसपी नाथूराम महरानियां की भूमिका भी सामने आई, जिसके आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और मामला अदालत में पहुंचा।
अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जिससे पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है।इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि सरकारी पद पर रहते हुए रिश्वतखोरी जैसे मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।फिलहाल दोनों दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

