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बनास नदी में अवैध बजरी खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, रास्ता जाम कर जताया विरोध

बनास नदी में अवैध बजरी खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, रास्ता जाम कर जताया विरोध

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में बनास नदी में हो रहे कथित अवैध बजरी खनन को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाके के सोलपुर गांव के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि अवैध खनन में शामिल माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि बनास नदी में लंबे समय से अवैध तरीके से बजरी का खनन किया जा रहा है। इसके कारण नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंच रहा है और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि भारी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए रात-दिन बजरी निकाली जा रही है। इससे नदी के किनारे रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है और सड़कें भी खराब हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ही अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अवैध खनन की शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बनास नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों की सुरक्षा और आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।

फिलहाल ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अवैध खनन के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाती है और क्षेत्र के लोगों को कितनी राहत मिल पाती है।

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