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पत्नी की बीमारी के अंधविश्वास में कछुआ शिकार, वीडियो में देखें दुर्लभ फ्लैपशेल कछुए का रेस्क्यू; वन विभाग ने आरोपी को पकड़ा

पत्नी की बीमारी के अंधविश्वास में कछुआ शिकार, वीडियो में देखें दुर्लभ फ्लैपशेल कछुए का रेस्क्यू; वन विभाग ने आरोपी को पकड़ा

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में अंधविश्वास के चलते वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। पत्नी की टीबी बीमारी के इलाज के नाम पर एक व्यक्ति द्वारा दुर्लभ कछुए का शिकार करने की घटना ने वन विभाग को सतर्क कर दिया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी जयपुर से सवाई माधोपुर के बनास नदी क्षेत्र में पहुंचा था। उसे एक हकीम ने बताया था कि यदि पत्नी की टीबी ठीक करनी है तो कछुए का मांस खिलाना होगा। इसी अंधविश्वास के चलते युवक ने बनास नदी में मछली पकड़ने के कांटे का इस्तेमाल कर कछुए को पकड़ लिया।

कछुए को पकड़ने के बाद आरोपी उसे बोरे में डालकर ले जा रहा था। इसी दौरान वन विभाग को इसकी सूचना मिल गई। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में नाकाबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान बोरे से कछुए को बरामद किया गया।

जांच में सामने आया कि पकड़ा गया कछुआ कोई सामान्य प्रजाति नहीं, बल्कि अत्यंत दुर्लभ फ्लैपशेल (Flapshell) कछुआ था, जो वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजातियों में आता है। कछुए के मुंह में मछली पकड़ने वाला कांटा फंसा हुआ था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

वन विभाग की टीम ने तुरंत कछुए को रेस्क्यू कर रणथंभौर टाइगर रिजर्व पहुंचाया, जहां विशेषज्ञों ने उसका करीब 45 मिनट तक ऑपरेशन किया। इलाज के बाद कछुए की स्थिति में सुधार बताया गया है और उसकी निगरानी की जा रही है।

यह घटना सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर इलाके की बनास नदी की बताई जा रही है। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि अंधविश्वास के कारण वन्यजीवों का शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के झूठे उपचार या अंधविश्वास पर भरोसा न करें और वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें।

यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण दुर्लभ जीवों का जीवन खतरे में पड़ जाता है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।

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