रणथंभौर दुर्ग में दिखी बाघिन की हलचल, वीडियो में देखें 2 घंटे तक रोकी गई श्रद्धालुओं की एंट्री
राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर दुर्ग क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां एक बाघिन का मूवमेंट देखा गया। एहतियात के तौर पर वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रोक दी।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह रणथंभौर किला क्षेत्र में बाघिन रिद्धि की बेटी RBT-2504 दुर्ग के आसपास घूमती नजर आई। सबसे पहले श्रद्धालुओं ने बाघिन को देखा और इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
रणथंभौर दुर्ग में स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में बाघिन की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए तुरंत श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर भेजा। गणेश मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते को खाली कराया गया और बाघिन के मूवमेंट वाले इलाके को पूरी तरह क्लियर कर दिया गया।
सुरक्षा के मद्देनजर रणथंभौर दुर्ग के नौलखा गेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस दौरान एंट्री पॉइंट पर श्रद्धालुओं और सैलानियों की लंबी कतार लग गई। कई लोग करीब दो घंटे तक बाहर इंतजार करते रहे।
वन विभाग की टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए बाघिन के मूवमेंट पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों के अनुसार, बाघिन बिना किसी आक्रामक व्यवहार के जंगल की ओर लौट गई। जब यह सुनिश्चित हो गया कि वह सुरक्षित रूप से अपने वन क्षेत्र में वापस चली गई है, तब जाकर दुर्ग में श्रद्धालुओं की एंट्री दोबारा शुरू की गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है, लेकिन मानव सुरक्षा को देखते हुए ऐसी स्थिति में तत्काल कदम उठाना जरूरी होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि जंगल या किले क्षेत्र में वन्यजीव दिखने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत विभाग को सूचना दें और निर्देशों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि रणथंभौर क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ने से उनका मूवमेंट अब किले और आसपास के इलाकों तक भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में सतर्कता और समन्वय ही सबसे बड़ा बचाव है।
करीब दो घंटे बाद हालात सामान्य होने पर श्रद्धालुओं को फिर से मंदिर में दर्शन की अनुमति दे दी गई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।

