सवाई माधोपुर में नकल कराते पकड़े गए जिम्मेदार अधिकारी, वीडियो वायरल होने के बाद उड़े शिक्षा विभाग के होश
राजस्थान में नकल पर सख्ती के तमाम सरकारी दावों के बावजूद शिक्षा व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। इस बार खुद जिम्मेदार अधिकारी ही नकल कराते हुए कैमरे में कैद हो गए। यह मामला सवाई माधोपुर जिले से सामने आया है, जहां राजस्थान बोर्ड की परीक्षा के दौरान नकल कराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सरकार के दावों की खुली पोल
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग बार-बार नकल रोकने की बातें करते हैं। जिला स्तर पर भी नकल पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ते तैनात किए जाते हैं, परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं और अधिकारियों की निगरानी में परीक्षाएं आयोजित होती हैं। लेकिन जब नकल रोकने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, वही नकल कराने में लगे हों, तो पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़ा हो जाता है।
वीडियो में दिखा साफ सबूत
वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि परीक्षा कक्ष में एक अधिकारी छात्रों को उत्तर लिखवाने में मदद कर रहा है। यह वीडियो जैसे ही सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।
शिक्षा विभाग में हड़कंप, जांच के आदेश
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित परीक्षा केंद्र के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रारंभिक तौर पर यह भी बताया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जनता में नाराजगी, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों में खासा रोष है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह से परीक्षा में नकल होती रही और जिम्मेदार लोग ही इसमें शामिल रहे, तो मेहनती छात्रों का भविष्य क्या होगा? कई लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट करते हुए यह भी लिखा कि "राजस्थान में योग्यता नहीं, जुगाड़ से परीक्षा पास होती है।"
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से पूछा है कि नकल माफिया पर सख्ती की बातें क्या सिर्फ कागजों तक सीमित हैं? उन्होंने मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

