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रणथंभौर टाइगर रिजर्व, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे RBT-2511 के क्षेत्र में आने से बदल रही बाघों की आवाजाही

रणथंभौर टाइगर रिजर्व, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे RBT-2511 के क्षेत्र में आने से बदल रही बाघों की आवाजाही

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की आवाजाही के हालिया आंकड़े और तस्वीरें दर्शा रही हैं कि जंगल का परिदृश्य अब पहले से अलग नजर आ रहा है। पिछले समय तक त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघिन टी-107 सुल्ताना का दबदबा देखा जाता था, लेकिन अब इसी क्षेत्र में RBT-2511 लगातार दिखाई दे रहा है।

वन विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम सिंहद्वार के पास बाघ RBT-2511 के नजर आने के कारण करीब 2-3 घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही। वन विभाग को सड़क पर ट्रैफिक रोकना पड़ा, ताकि बाघ सुरक्षित रूप से क्षेत्र में घूम सके और किसी प्रकार का दुर्घटना या तनावजनित स्थिति न हो।

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से RBT-2511 त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर एक-दो दिन के अंतराल में दिखाई दे रहा है। इससे पहले यह क्षेत्र बाघिन टी-107 सुल्ताना के प्रभाव क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। वन अधिकारियों ने कहा कि अब RBT-2511 की मौजूदगी से इलाके में बाघों का दबदबा बदलता नजर आ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रणथंभौर रिजर्व में बाघों का क्षेत्रीय व्यवहार समय-समय पर बदलता रहता है। नए बाघ या बाघिन के इलाके में आने से क्षेत्रीय प्रजातियों और उनकी आवाजाही पर असर पड़ता है। यह बदलाव पर्यटकों और वन विभाग दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

वन विभाग ने बताया कि बाघों के मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए सैटेलाइट कॉलर और कैमरा ट्रैप का इस्तेमाल किया जा रहा है। RBT-2511 की लगातार सक्रियता और क्षेत्र में घूमने की प्रवृत्ति इस बात का संकेत है कि यह बाघ इस इलाके पर स्थायी रूप से प्रभाव डाल सकता है।

वन्य जीव प्रेमियों और फोटोग्राफर्स के लिए यह बदलाव खास आकर्षण बन गया है। वहीं, विभाग ने आगाह किया है कि क्षेत्र में बाघों की सक्रियता के कारण सड़क और जंगल में ट्रैफिक को नियंत्रित करना जरूरी है। यात्रियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे जंगल मार्गों पर सतर्क रहें और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

रणथंभौर के रेंज अधिकारियों के अनुसार, टी-107 सुल्ताना का दबदबा कम हुआ है, लेकिन वह अभी भी आसपास के अन्य हिस्सों में सक्रिय है। अब RBT-2511 की सक्रियता और क्षेत्र में आवाजाही के कारण पर्यावरण और बाघों की पारिस्थितिकी में छोटे-छोटे बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

इस बदलाव से वन्य जीव संरक्षण और पर्यावरण अध्ययन के लिए नई जानकारियां भी मिल रही हैं। वन विभाग ने कहा कि बाघों की मॉनिटरिंग जारी रहेगी और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना जरूरी है।

इस तरह, रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के मूवमेंट का हालिया परिदृश्य दर्शा रहा है कि RBT-2511 ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर नया दबदबा बना लिया है, और यह क्षेत्र अब पहले की तुलना में बाघों की आवाजाही के लिहाज से बदल गया है।

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