रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध शिकार के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, वीडियो में देंखे कछुआ और शिकार उपकरण बरामद
राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। तालड़ा रेंज में की गई इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया।वन विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बनास नदी क्षेत्र में अवैध शिकार कर मलारना की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वनपाल आरती शर्मा के नेतृत्व में टीम ने श्यामोली-बिलोली के कच्चे रास्ते पर नाकाबंदी की।
नाकाबंदी के दौरान टीम को दो व्यक्ति बाइक पर एक बोरा लेकर आते हुए दिखाई दिए। जैसे ही वन विभाग की टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, उनमें से एक आरोपी मौके से भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को टीम ने पकड़ लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू पुत्र गोपीराम बावरिया निवासी नंदगांव, थाना बिंदायका (जयपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि वह अवैध रूप से वन्यजीवों के शिकार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था।
वन विभाग द्वारा जब आरोपी के पास मौजूद बोरे की तलाशी ली गई तो उसमें एक कछुआ और मछली पकड़ने का कांटा बरामद हुआ। इसके अलावा शिकार में इस्तेमाल होने वाले कुछ अन्य उपकरण भी पाए गए, जिनके आधार पर अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई।तालड़ा रेंजर राम खिलाड़ी मीणा ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई समय रहते की गई, जिससे अवैध शिकार को रोका जा सका। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।

