रणथंभौर में कहीं फिर ना दौहराया जाए इतिहास! त्रिनेत्र गणेश मार्ग में सांभर के शिकार से फिर फैली दहशत
राजस्थान के सवाईमाधोपुर में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर सिंहद्वार के पास बाघिन ऋद्धि ने एक सांभर का शिकार किया, जिससे श्रद्धालुओं में भय का माहौल है। इसके अलावा मंदिर के पास जनरेटर के पास बाघिन ऋद्धि ने एक सांभर का शिकार किया। शिकार स्थल के आसपास बाघिन के शावक भी देखे गए हैं। हालांकि वन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन क्षेत्र में 17 बाघों की मौजूदगी के कारण खतरा बरकरार है।
बाघिन ऋद्धि ने किया शिकार, वन विभाग अलर्ट
त्रिनेत्र गणेश मंदिर के पास बाघिन ऋद्धि ने एक सांभर का शिकार किया, जिसके बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ट्रैकिंग के लिए वनकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से छतरी मार्ग को बंद कर दिया गया है और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्ग से मंदिर भेजा जा रहा है। हाल ही में शावकों को जन्म देने वाली बाघिन सुल्ताना (टी-107) और बाघिन एरोहेड (टी-84) समेत अन्य बाघों की आवाजाही भी क्षेत्र में देखी गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर सवाल
हाल ही में 16 अप्रैल को एक बाघ द्वारा 7 साल के बच्चे पर हमला करने के बाद मंदिर मार्ग को 9 दिन (16-24 अप्रैल) के लिए बंद कर दिया गया था। 25 अप्रैल से मार्ग को खोल दिया गया, लेकिन गणेशधाम से आगे बाहरी जिलों से पैदल, दोपहिया और चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद 17 बाघों की मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए खतरा बनी हुई है।
वन विभाग की कार्रवाई और चुनौतियां
वन विभाग ने सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन बाघों की बढ़ती संख्या और मंदिर मार्ग पर उनकी लगातार मौजूदगी चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का कहना है कि पैदल यात्रा के बजाय जीप से यात्रा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

