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गंगापुर सिटी में कचरा संकट गहराया, 3 करोड़ बकाया भुगतान के चलते ठप हुई कचरा उठाने की व्यवस्था

राजस्थान के गंगापुर सिटी में नगर की सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहां कचरा संग्रहण का काम कर रही एक निजी कंपनी ने नगर परिषद पर लगभग 3 करोड़ रुपये की बकाया राशि का आरोप लगाते हुए सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके चलते शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  सूत्रों के अनुसार, कंपनी का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से कचरा उठाने का काम रोकना पड़ा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक सेवाएं दोबारा शुरू करना संभव नहीं है।  शहर में बढ़ी गंदगी, लोगों में नाराजगी  कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप होने के बाद शहर के कई वार्डों और बाजार क्षेत्रों में कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई न होने से बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति और भी खराब होती जा रही है।  दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।  नगर परिषद और कंपनी के बीच विवाद  नगर परिषद और सफाई कंपनी के बीच भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कंपनी का आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जबकि नगर परिषद की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।  स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय प्रक्रियाओं और बजट आवंटन में देरी के कारण यह स्थिति बनी है, और जल्द ही समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।  स्वास्थ्य को लेकर चिंता  स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कचरा निस्तारण व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बन सकते हैं।  समाधान की उम्मीद  फिलहाल प्रशासन और कंपनी के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि बकाया भुगतान को लेकर जल्द कोई समाधान निकलेगा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू हो सकेगी।

राजस्थान के गंगापुर सिटी में नगर की सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यहां कचरा संग्रहण का काम कर रही एक निजी कंपनी ने नगर परिषद पर लगभग 3 करोड़ रुपये की बकाया राशि का आरोप लगाते हुए सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके चलते शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कंपनी का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से कचरा उठाने का काम रोकना पड़ा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक सेवाएं दोबारा शुरू करना संभव नहीं है।

शहर में बढ़ी गंदगी, लोगों में नाराजगी

कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप होने के बाद शहर के कई वार्डों और बाजार क्षेत्रों में कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई न होने से बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में स्थिति और भी खराब होती जा रही है।

दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है।

नगर परिषद और कंपनी के बीच विवाद

नगर परिषद और सफाई कंपनी के बीच भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कंपनी का आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जबकि नगर परिषद की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय प्रक्रियाओं और बजट आवंटन में देरी के कारण यह स्थिति बनी है, और जल्द ही समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य को लेकर चिंता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कचरा निस्तारण व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी के मौसम में कचरे के ढेर संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बन सकते हैं।

समाधान की उम्मीद

फिलहाल प्रशासन और कंपनी के बीच बातचीत की संभावना जताई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि बकाया भुगतान को लेकर जल्द कोई समाधान निकलेगा, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था फिर से सुचारू हो सकेगी।

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