सवाई माधोपुर में रोस्टेड चनों में कैंसरकारी डाई की पुष्टि, एक्सक्लूसिव वीडियो में देंखे बिक्री पर तत्काल रोक
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। यहां रोस्टेड चनों में कपड़े रंगने में इस्तेमाल होने वाली अखाद्य और कैंसरकारी ‘औरमाइन-ओ’ (Auramine-O) यलो डाई की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट हरकत में आ गया और जिले में रोस्टेड चनों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई।
फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से की गई जांच में कमल ट्रेडिंग कंपनी और महेश किराना स्टोर से लिए गए रोस्टेड चनों के सैंपल अनसेफ घोषित किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, रोस्टेड चनों में औरमाइन-ओ यलो डाई पाई गई, जो पूरी तरह अखाद्य है और लंबे समय तक सेवन करने पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसके साथ ही सैंपल में बादाम को भी सब-स्टैंडर्ड पाया गया, जो तय मानकों पर खरा नहीं उतरा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, औरमाइन-ओ डाई का उपयोग आमतौर पर कपड़ा उद्योग में रंगाई के लिए किया जाता है। यह डाई खाद्य पदार्थों में उपयोग के लिए प्रतिबंधित है, क्योंकि यह मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक मानी जाती है। इसके बावजूद कुछ व्यापारी मुनाफे के लालच में इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में रंग आकर्षक बनाने के लिए कर रहे हैं, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
यह पूरा मामला ‘आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत सामने आया है। फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने दिसंबर और जनवरी माह में विशेष अभियान चलाकर जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए थे। इन नमूनों को जांच के लिए केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, जयपुर भेजा गया था। हाल ही में मिली जांच रिपोर्ट में रोस्टेड चनों में मिलावट की पुष्टि हुई, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकानों और व्यापारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और जेल तक का प्रावधान है। इसके साथ ही अन्य दुकानों और थोक विक्रेताओं पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे मिलावटी उत्पाद बाजार में न बिकें।
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे खुले में बिकने वाले रोस्टेड चनों और अन्य खाद्य पदार्थों को खरीदते समय सावधानी बरतें। अगर किसी खाद्य पदार्थ का रंग असामान्य रूप से अधिक चमकीला या पीला दिखाई दे, तो उसके सेवन से बचें और तुरंत विभाग को सूचना दें। विभाग ने यह भी कहा है कि आने वाले दिनों में जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि रोजमर्रा में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में इस तरह की खतरनाक मिलावट बेहद चिंताजनक है। प्रशासन की इस कार्रवाई को आमजन ने सही कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसे मामलों पर और सख्ती बरती जाएगी, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो।

