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रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर का खतरा: फुटेज में जानें बाघों पर मंडराया संक्रमण का संकट, अलर्ट मोड पर वन विभाग

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर का खतरा: फुटेज में जानें बाघों पर मंडराया संक्रमण का संकट, अलर्ट मोड पर वन विभाग

राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर (Canine Distemper) जैसी संक्रामक बीमारी के फैलने की आशंका ने वन्यजीव संरक्षण तंत्र को सतर्क कर दिया है। यह बीमारी तेजी से फैलने वाली वायरल इंफेक्शन मानी जाती है, जो मुख्य रूप से जंगली और पालतू मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है, और अब इससे बाघों की सेहत पर भी खतरा मंडराने लगा है।

वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिजर्व क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके। इसके साथ ही जंगल के आसपास बसे गांवों में लोगों को बीमारी के लक्षणों के बारे में जागरूक करने की योजना भी तैयार की गई है, ताकि समय रहते सूचना मिल सके और रोकथाम संभव हो।

इसी बीच जोधपुर में एक भेड़िए में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि ने चिंता और बढ़ा दी है। वहीं मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में कुछ बाघों में संदिग्ध लक्षण देखे जाने के बाद उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इन घटनाओं के बाद पूरे वन्यजीव संरक्षण नेटवर्क में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

रणथंभौर में भी वन विभाग ने विशेष टीमों को अलर्ट पर रखा है और नियमित स्वास्थ्य जांच तथा ट्रैकिंग बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी संक्रमित जानवरों के संपर्क या वातावरण के जरिए तेजी से फैल सकती है, इसलिए शुरुआती पहचान बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कैनाइन डिस्टेंपर वायरस वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, खासकर जब यह बड़े मांसाहारी जानवरों जैसे बाघों और तेंदुओं तक पहुंच जाए। इससे वन्यजीव आबादी पर व्यापक असर पड़ने की आशंका रहती है।

वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों से भी अपील की है कि किसी भी बीमार या असामान्य व्यवहार वाले जानवर को देखने पर तुरंत सूचना दें और उनसे दूरी बनाए रखें। साथ ही, रिजर्व क्षेत्र में सख्त निगरानी और बायो-सिक्योरिटी उपायों को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल रणथंभौर और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वन्यजीवों को इस संभावित खतरे से बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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