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Rohtas भौतिक सत्यापन में खुद फंस रहा प्रशासन
 

Rohtas भौतिक सत्यापन में खुद फंस रहा प्रशासन


बिहार न्यूज़ डेस्क प्रशासन खुद मिल मालिकों के भौतिक सत्यापन में फंस रहा है। विभागीय अधिकारियों ने कागजों पर ही मिल मालिकों का सत्यापन कर लिया है।

अधिकारी कह रहे हैं कि जिन लोगों को उसिना मिल में टैग किया गया है और उनकी क्षमता बताई गई है, उसके अनुसार उत्पादन नहीं हो रहा है. करीब 18 उसिना मिलों को भौतिक सत्यापन के बाद ही पैक्स और व्यापार मंडलों के साथ टैग किया गया है। अब मिल मालिकों की क्षमता के अनुसार चावल तैयार नहीं हो रहा है, ऐसे में सवाल उठता है कि भौतिक सत्यापन कैसे किया गया?

डीएम ने एक टीम गठित की थी, जो मिल मालिकों के पास गई और कथित भौतिक सत्यापन किया। लेकिन, ऐसा लगता है कि टीम ने कागजों पर ही भौतिक सत्यापन किया। धान खरीद के 60 दिन बीत जाने के बाद भी मिल मालिकों की क्षमता का अभी पता नहीं चल पाया है। जिले में अभी करीब चार लाख चार हजार मीट्रिक टन धान की खरीद होनी बाकी है। यह कैसे होगा यह सवाल खड़ा हो गया है। अब उसिना और अरवा मिलर्स को पैक्स और व्यापार मंडलों के साथ क्षमता के अनुसार टैग किया जाएगा। इसको लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग उसिना मिल के ज्यादातर पैक्स को अरवा मिल से टैग करने की कार्रवाई कर रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि भौतिक सत्यापन के दौरान उसिना मिलर्स की क्षमता अधिक थी, तो अब यह कैसे कम हो गई है? प्रशासन के इस रवैये से मिल मालिक, पैक्स और किसान भी परेशान हैं।
रोहतास न्यूज़ डेस्क
 

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