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Rohtas नल-जल कई जगह टंकी टूटी,नहीं हो रही मरम्मत, पानी टंकी से लेकर बिछायी गयी पाइप लाइनों की गुणवत्ता पर उठने लगे हैं सवाल,पीएचईडी ने कई वार्डों में कराया योजना पर काम
 

Rohtas नल-जल कई जगह टंकी टूटी,नहीं हो रही मरम्मत, पानी टंकी से लेकर बिछायी गयी पाइप लाइनों की गुणवत्ता पर उठने लगे हैं सवाल,पीएचईडी ने कई वार्डों में कराया योजना पर काम


बिहार न्यूज़ डेस्क  पीएचईडी द्वारा लगाये गए हर घर नल-जल योजना के स्ट्रक्चर चंद महीने में टूटने लगे हैं. ऐसे में कई पंचायतों में लोगों के हलक ठंड में भी सूखने लगे हैं. जबकि योजनाओं पर क्रियान्वयन के बाद पांच वर्षों तक मरम्मत कराने का प्रावधान किया गया है.

लेकिन सूचना के बाद भी विभागीय इंजीनियरों द्वारा मरम्मत नहीं करायी जा रही है. शिवसागर प्रखंड के सोनहर पंचायत के सोनवर्षा-मदैनी गांव में पीएचईडी द्वारा निर्मित नल-जल की पानी टंकी टूट गयी है. लेकिन, शिकायत के बाद भी उसकी सुधि लेने कोई नहीं पहुंचा.
पूर्व मुखिया सह समाजिक कार्यकर्ता अभय कुमार ने बताया कि 20 दिन पूर्व टूटी पानी टंकी की मरम्मत के लिए स्थानीय लोगों ने इंजीनियर से शिकायत की. लेकिन मरम्मत के नाम पर मामला सिफर है. टंकी में पानी भरने पर वह गिरने लगता है. टंकी की गुणवत्ता अच्छी होती तो यह नौबत नहीं आती. जबकि पीएचईडी को योजना के तहत पर्याप्त राशि उपलब्ध करायी गई थी. बावजूद इसके नकली पानी टंकी लगाया गया. बड़ी बात यह है कि जांच में गए अधिकारी भी खानापूर्ति कर लौट आते हैं. लोगों का कहना है कि गांव के निजी घरों में लगी टंकी कई वर्षों में भी खराब नहीं हुई है. लेकिन, विभागीय स्तर पर घटिया टंकी लगाये जाने से यह नौबत हुई है. बिक्रमगंज प्रखंड के मोहिनी गांव में भी टंकी लगी है. लेकिन वर्षों बाद आधा दर्जन घरों में आज तक पानी नहीं पहुंची. मोहिनी निवासी संतोष कुमार, दारा सिंह व शंकर सिंह ने बताया कि जिस समय काम चल रहा था, तब संवेदकों द्वारा बताया गया कि पाइप घट गयी है. दो-तीन दिनों के अंदर उसे पूरा करा देंगे. यह तो एक बानगी हैं. जिले में कई ऐसे वार्ड हैं, जहां योजना पर काम हुआ है. लेकिन, वह शोभा की वस्तु बनी हैं.

रोहतास न्यूज़ डेस्क
 

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