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Rishikesh  ई-रिक्शा के लिए रूट, नियम तय होंगे,ई-रिक्शा वाहन ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ने लगे
 

Rishikesh  ई-रिक्शा के लिए रूट, नियम तय होंगे,ई-रिक्शा वाहन ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ने लगे


उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, तीर्थनगरी ऋषिकेश में 1200 की संख्या को पार कर चुके ई-रिक्शा वाहन ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ने लगे हैं. सड़कों के किनारे अनाधिकृत रूप से खड़े ई-रिक्शा और बीच सड़क में जहां-तहां से अचानक मोड़ने के कारण जाम की समस्या बढ़ रही है. अब बेलगाम ई-रिक्शा पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए परिवहन विभाग ने ई रिक्शा के लिए जिला प्रशासन से रूट निर्धारित करने और नियमों के दायरे में लाने के लिए पत्राचार किया है.
ऋषिकेश की आंतरिक सड़कों का दशकों से विस्तार नहीं हुआ है. तिपहिया वाहन विक्रम तकरीबन 1400 और 1000 ऑटो पहले से सड़क पर दौड़ रहे हैं और अब ई-रिक्शा आ गए हैं, जिनकी संख्या भी 1200 के पार हो चुकी है. सूत्रों के मुताबिक ऋषिकेश की सड़के ज्यादा से ज्यादा 800 तिपहिया वाहनों का ही दबाव झेल सकती है, जबकि इनकी संख्या चार गुना हो चुकी है. नतीजतन पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को जाम झेलने को मजबूर होना पड़ता है. शहर की यातायात व्यवस्था पर बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा का खासा असर पड़ रहा है. परिवहन विभाग के मुताबिक ई-रिक्शा के लिए रूट

और नियम तय करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा है.
हरिद्वार रोड को बनाया पार्किंग का अड्डा
ऋषिकेश. पुलिस प्रशासन की उदासीनता के चलते हरिद्वार रोड ई-रिक्शा की अनाधिकृत पार्किंग का अड्डा बन गया है. घाट चौक से जयराम आश्रम चौराहा और लोनिवि गेस्ट के सामने कतार में खड़े ई-रिक्शा वाहन सड़क को संकरी बना देते हैं, इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है.
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर हर रोज 23 से 24 ई-रिक्शा का चालान किया जाता है. रहा सवाल पार्किंग का इसे देखना पुलिस प्रशासन का काम है. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने और इन्हें नियमों के दायरे में लाने की योजना पर विचार चल रहा है. इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ जल्द बैठक कर चर्चा की जाएगी. -मोहित कोठारी, एआरटीओ प्रवर्तन

ऋषिकेश न्यूज़ डेस्क !!!
 

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