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Rishikesh  लोग बोले,मरम्मत करें या मुआवजा दें,इन ग्रामीणों के घरों में आई हैं दरारें
 

Rishikesh  लोग बोले,मरम्मत करें या मुआवजा दें,इन ग्रामीणों के घरों में आई हैं दरारें

उत्तराखंड न्यूज़ डेस्क, नरेंद्रनगर ब्लॉक के अटाली गांव को रेलवे की टनल निर्माण से कोई खतरा न होने का आरवीएनएल का दावा ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि घरों में दरारों पड़ने का सिलसिला जारी है. आरोप है कि रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) जानमाल के खतरे को लेकर गंभीर नहीं है. ग्रामीण अब निगम से गांव सुरक्षित होने की बात लिखकर देने की मांग कर रहे हैं.

घरों में आई दरारों की मरम्मत कराने या फिर उन्हें इसका मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठा रहे हैं. लोगों का कहना है कि दरारों की वजह से उनके दिन-रात खौफ में गुजरते हैं, लेकिन निगम की भू-गर्भीय जांच रिपोर्ट में गांव सुरक्षित होने का दावा समझ से परे है. मालूम हो कि पिछले कुछ समय में निगम और प्रशासन के कई अधिकारी गांव का दौरा कर चुके हैं. समस्याओं के सुनने के बाद भी अभी तक ग्रामीणों की आशंकाओं और समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सका है.
दरारें हैं, तो एक टीम भेजकर मौके पर उन्हें दिखवाया जाएगा. आरवीएनएल दरारों की मरम्मत को भी तैयार है. ग्रामीण कि यदि यह मांग है कि उन्हें गांव सुरक्षित होने की बात लिखकर दी जाए, तो हम यह भी करने के लिए तैयार हैं. निगम की सोच सकारात्मक है और अटाली के ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है. निगम उनके साथ है. -अजीत सिंह यादव, मुख्य परियोजना प्रबंधक, आरवीएनएल
अटाली गांव में प्रेम सिंह चौहान, गोविंद सिंह चौहान, लक्ष्मी देवी, वीर सिंह चौहान, जगमोहन सिंह, गजेंद्र सिंह, डब्बल सिंह चौहान, विजेंद्र सिंह चौहान, हीरा सिंह चौहान और सुरेंद्र सिंह पुंडीर के घरों में दरारें आई हैं. हर रोज बढ़ती दरारों और छतों व दीवारों से गिरता प्लास्टर देखकर लोग सहमे हुए हैं. उन्होंने राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर सुरक्षा की गुहार लगाई है.

ऋषिकेश न्यूज़ डेस्क !!!
 

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