Ranchi वित्तरहित शिक्षण संस्थानों को दिया जाएगा घाटानुदान, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने विभाग से खर्च का आकलन कर एक सप्ताह में मांगा प्रस्ताव
झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, झारखंड के वित्तरहित शिक्षण संस्थानों को घाटानुदान मिल सकेगा. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने विभाग से इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है. शिक्षा मंत्री ने एक सप्ताह में अनुमानित खर्च का आकलन कर प्रस्ताव देने का निर्देश दिया है.
राज्य के 570 वित्त रहित संस्थानों को घाटानुदान का लाभ मिल सकेगा. इससे करीब 8500 शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मी लाभांवित होंगे. ये कर्मी 178 प्रस्वीकृति प्राप्त इंटर कॉलेज, 106 प्रस्वीकृत हाई स्कूल, 207 राज्य सरकार के स्थापना अनुमति प्राप्त संस्थान, 33 संस्कृत विद्यालय और 46 मदरसा के होंगे. वर्तमान में इन्हें नामांकन और रिजल्ट के आधार पर साल में एक बार अनुदान मिलता है. अनुदान 2015 के आधार पर दिया जाता है. अगर किसी संस्थान में नामांकन कम है और रिजल्ट भी बेहतर नहीं रहा तो उसे अनुदान भी उसी तरह मिलता है. वहीं, जिन संस्थानों में नामांकन भी ज्यादा है और रिजल्ट भी बेहतर हुआ है, वहां अनुदान अच्छा रहता है.
वित्त विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किए जाने और उसे विभागीय मंत्री जगरनाथ महतो की सहमति मिलने के बाद वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसमें करोड़ों खर्च का अनुमान है. ऐसे में विभाग के बाद मुख्यमंत्री की औपचारिक सहमति मिलने के बाद इसका प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा.
सूत्रों की माने तो राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन को अमलीजामा पहना दिया है. ऐसे में वित्तरहित संस्थानों का अधिग्रहण नहीं होने पर उन्हें घाटानुदान दिया जा सकता है.
राँची न्यूज़ डेस्क !!!

