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Ranchi ईडी ने कोर्ट को1000 करोड़ अवैध खनन का गणित बताया, सिर्फ अवैध खनन ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन का भी है मामला, तत्कालीन अधिकारियों पर होगी चार्जशीट
 

Ranchi ईडी ने कोर्ट को1000 करोड़ अवैध खनन का गणित बताया, सिर्फ अवैध खनन ही नहीं, बल्कि अवैध परिवहन का भी है मामला, तत्कालीन अधिकारियों पर होगी चार्जशीट


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, साहिबगंज में एक हजार करोड़ के अवैध खनन के जरिए मनी लाउंड्रिंग की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं. जांच में आए तथ्यों के आधार पर ईडी ने जो हिसाब कोर्ट को सौंपा है, वह काफी चौंकाने वाला है. राज्य में ईडी ने अबतक जो जांच की है, वह अप्रैल 2020 से मार्च 2022 तक के बीच की अवधि की है. ईडी ने बताया है कि 1000 करोड़ से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का मामला सिर्फ अवैध खनन का नहीं है, बल्कि अवैध तरीके से परिवहन का भी मामला है.
आरोपियों के बयान के आधार पर ईडी ने कोर्ट को जानकारी दी है कि रोजाना 2000 से अधिक ट्रक चिप्स व बोल्डर बंगाल, बिहार व दूसरे इलाकों में भेजे जाते थे. लेकिन ईडी की कार्रवाई शुरू होने के बाद यह आंकड़ा घटकर मई, जून में 500 तक रह गया था. ईडी ने अबतक के तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री से पूछताछ की है, वहीं उनके बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, बच्चू यादव व प्रेम प्रकाश जेल में हैं. ईडी अब आगे इस मामले में तत्कालीन खान सचिव (अब निलंबित) पूजा सिंघल, उनके सीए सुमन कुमार सिंह, साहिबगंज के डीएमओ विभूति कुमार, दुमका के डीएसपी कृष्णचंद्र किस्कू और पाकुड़ के डीएमओ प्रदीप शाह पर चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है.
प्रत्येक ट्रक पर पंकज की वसूली 1500 रुपए

पंकज मिश्रा के सहयोगी बच्चू यादव ने बताया था कि पंकज मिश्रा के कहने पर महादेवगंज, सकरी, मिर्जाचौकी से वैध या अवैध सभी ट्रकों से 1500 रुपए वसूले जाते थे, ये रकम रंगदारी के तौर पर ली जाती थी. इसी तरह जलमार्ग से जाने वाले वाहनों से 500 रुपये लेवी ली जाती थी. ईडी ने सैंपल के तौर पर राजमहल में 3.18 एकड़ की एक साइट पर ही सर्वे किया, जहां से 41.45 करोड़ के चिप्स की निकासी की बात सामने आयी थी.
क्या है हिसाब-किताब
ईडी ने ईस्टर्न रेलवे से जो आंकड़े लिए हैं, उसके मुताबिक अप्रैल 2020 से मार्च 2022 तक 6492 रैक बुक किए गए थे, जिनमें से 3531 रैक बिना परिवहन चालान के थे. आंकड़ों के मुताबिक, मर्जाचौकी से 177, साहिबगंज से 395, सकरीगली से 789, महाराजपुर से 52, तालझरी से 0, राजमहल से 52, तीनपहाड़ से 11, बकुडीह से 1337, बरहरवा से 718 रैक बगैर माइनिंग चालान के बोल्डर व स्टोन चिप्स का परिवहन किया गया था. वहीं वर्ष 2015 से मार्च 2022 तक 251 रैक बगैर चालान पत्थर व चिप्स की ट्रांसपोर्टिंग हुई थी. इस संबंध में 12 सितंबर को ईस्टर्न रेलवे के माला रीजन के सीनियर डीसीएम का बयान भी ईडी ने दर्ज किया था. चौंकाने वाली बात यह है कि तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के बाद 1 जून से 26 जून तक 1844 ट्रक स्टोन चिप्स साहिबगंज से जलयान से निकले, जिनमें से 412 का माइनिंग चालान नहीं था.
पूजा समेत 3 अफसरों की मुसीबत बढ़ी
ईडी अवैध खनन के मामले में निलंबित खान सचिव पूजा सिंघल, डीएमओ विभूति कुमार, दुमका डीएमओ कृष्णचंद्र किस्कू और पाकुड़ डीएमओ प्रदीप शाह पर चार्जशीट की तैयारी कर रही है. ईडी अधिकारियों के मुताबिक, खान सचिव के पद पर रहते हुए प्रतिमाह पूजा सिंघल ने डीएमओ स्तर के अधिकारियों से वसूली की. सीए सुमन कुमार सिंह पैसे की वसूली करता था. इस संबंध में ईडी को पर्याप्त साक्ष्य हासिल हुए हैं. अवैध खनन के मामले में ईडी दूसरी चार्जशीट दायर करने की तैयारी में है.

राँची न्यूज़ डेस्क !!!
 

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