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Ranchi तीन साल में 30 बढ़े डिजिटल सिग्नेचर, ये कंपनियां हैं अधिकृत, 1000 रुपये में बन रहा डिजिटल सिग्नेचर 
 

Ranchi तीन साल में 30 बढ़े डिजिटल सिग्नेचर, ये कंपनियां हैं अधिकृत, 1000 रुपये में बन रहा डिजिटल सिग्नेचर 


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क,  राजधानीवासियों को डिजिटल सिग्नेचर खूब भा रहा है. यही वजह है कि पिछले तीन वर्षों में रांची में डिजिटल सिग्नेचर बनाने वालों की तादाद में 30 फीसदी की वृद्धि हुई है. इसका काम करने वाली अधिकृत कंपनियों से जुड़े लोगों के मुताबिक आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग और जीएसटी ई-फाइलिंग में इसका उपयोग किया जाता है.

वहीं, कई सरकारी ऑनलाइन टेंडरिंग प्रक्रिया समेत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के लिए यह अनिवार्य है. इसलिए लोग डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं. इधर, इसका काम कर रहे लोगों के मुताबिक राजधानी में अब तक दस हजार से अधिक लोग डिजिटल सिग्नेचर बना चुके हैं. वहीं, पिछले तीन वर्षों में इनकी संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. दो साल पहले जहां हर माह तकरीबन 400 लोग ही रांची में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट बनवा रहे थे, अभी इनकी संख्या बढ़कर पांच सौ के पार पहुंच गई है.
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट का काम करने वाले ओमप्रकाश बताते हैं कि इसे बनाने के लिए छह सौ से एक हजार रुपये तक खर्च आ रहा है.
वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि कई टेंडर प्रक्रियाओं में यह अनिवार्य होता है. इसलिए अधिकांश संवेदक अब डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट बनाने के लिए आ रहे हैं.
पेन ड्राइव में दिया जाता है डिजिटल सिग्नेचर
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के बारे में सीए सौरव प्रसाद बताते हैं कि यह पूरी तरह से पैन और आधार बेस्ड होता है. डिजिटल सिग्नेचर के लिए संबंधित व्यक्ति से सभी दस्तावेज लिए जाते हैं. इसके बाद ओटीपी और वीडियो के माध्यम से वेरिफिकेशन होता है. इसके बाद पेन ड्राइव में डिजिटल सिग्नेचर दिया जाता है.

राँची न्यूज़ डेस्क !!!
 

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