13 अप्रैल को राजसमंद के कुंवारिया कस्बे में पुलिस थाने के पास साकरोदा रोड पर रूपाखेड़ा पहाड़ियों की ढलान पर भीषण आग लग गई थी। रविवार 20 अप्रैल की देर रात इसी स्थान पर झाड़ियों में एक तेंदुए का अधजला शव मिला। शव मिलने पर ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने पशु चिकित्सकों की मदद से तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।
झाड़ियों में शव मिला
ग्रामीण सड़क से गुजरते समय झाड़ियों के बीच एक तेंदुए का शव मिला, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही कुंवारिया थाने के एएसआई शंकर सिंह व बिनोल वन चौकी के वन अधिकारी अशोक वैष्णव, वन रक्षक तेजपाल, पन्नालाल कुमावत सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि 13 अप्रैल को दिन में रूपाखेड़ा की पहाड़ियों पर आग लग गई थी।
ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ घनी झाड़ियों में छिपा हुआ था और आग की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। तेंदुए की मौत की खबर मिलते ही रोड़ी लाल बंजारा, शंकर लाल, सरदार, तूफान बंजारा, कर्मा लाल, बाबूलाल बंजारा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए।
तेंदुआ एक वर्ष का था।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत तेंदुआ नर था और उसकी उम्र करीब एक वर्ष थी। यह शव करीब 5-6 दिन पुराना लग रहा है। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित और बरकरार थे। वन विभाग की टीम शव को पोस्टमार्टम के लिए वन नर्सरी चौकी बिनोल ले आई, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

