छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की पूरक परीक्षाएं 10 अक्टूबर से शुरू होगी. इस साल विश्वविद्यालय के लिए सबसे बड़ी चुनौती है पूरक परीक्षा में 42 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे.
इतने विद्यार्थियों के लिए पेपर सेट करना, उसकी छपाई, उत्तरपुस्तिका की व्यवस्था से लेकर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था बिल्कुल मुख्य परीक्षा की तरह करनी पड़ेगी. दरअसल, राज्य शासन ने केवल इस साल के लिए पूरक परीक्षा में दो विषयों की पात्रता दी है. यानी पहले तक जहां पूरक ही विषय में दी जाती थी, वहीं इस साल के लिए दो विषय में पूरक की वजह से फेल हो गए विद्यार्थी भी पूरक परीक्षा में बैठ सकेंगे. उच्च शिक्षा विभाग इसी हफ्ते में दो विषयों में पूरक की पात्रता का आदेश जारी करेगा. इससे पहले विश्वविद्यालयों को अध्यादेश में भी बदलाव करने पड़े हैं. विश्वविद्यालय से अभी 10 अक्टूबर की तिथि को संभावित रखा है, क्योंकि यदि आदेश आने में देरी हुई तो यह तारीख बदल सकती है.
इस पूरक परीक्षा में 42 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे. एक तरह से यह मुख्य परीक्षा जैसा हो गया. विश्वविद्यालय ने अपनी तैयारी कर ली है. संभावित तिथि 10 अक्टूबर है. एक-दो दिनों में आदेश मिलते ही पूरक परीक्षा का टाइम-टेबल जारी करेंगे.
डॉ. अरुणा पल्टा, कुलपति, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय
पहले थे 18 हजार विद्यार्थी
एक विषय में पूरक आए विद्यार्थियों की संख्या पहले 18 हजार थी. इसी हिसाब से विश्वविद्यालय ने अपनी तैयारियां कर ली थीं. कुलपति ने कहा कि पूरक परीक्षा में पहले ही विलंब हो रहा है. इसके अलावा अक्टूबर-नवंबर में विभिन्न पर्वों के कारण अवकाश भी रहेंगे. इसलिए विश्वविद्यालय प्रस्तावित 10 अक्टूबर से पूरक परीक्षा का टाइम टेबल कॉम्पेक्ट रूप से तैयार करने में जुटा है.
इस हिसाब से पूरक के पात्र विद्यार्थियों को प्रतिदिन परीक्षा देनी पड़ सकती है.
लंबी चलेगी पूरक परीक्षाएं
बैठक में परीक्षा विभाग ने कुलपति को बताया कि लगभग हर विषय में पूरक परीक्षा करानी पड़ेगी. इसके लिए हर दिन परीक्षा लेने के बाद भी यह परीक्षाएं काफी दिनों तक चलती रहेंगी. विद्यार्थियों की संख्या देखते हुए वर्तमान में कुल 23 परीक्षा केन्द्र स्थापित करने के प्रयास जारी हैं. नियमित विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान न हो इसलिए पूरक परीक्षा का आयोजन एक ही पाली में करना प्रस्तावित है.
रायपुर न्यूज़ डेस्क !!!

