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Pratapgarh Uttrapradesh अस्तौली कूड़ा निस्तारण केंद्र के विस्तार की तैयारी

Chapra सारण के 20 प्रखंडों की 85 पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   अस्तौली गांव के समीप स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र (सेनेटरी लैंडफिल साइट) के विस्तार की तैयारी चल रही है. इसके लिए 100 एकड़ जमीन किसानों से और खरीदी जाएगी. यह निर्णय भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है.

इस साइट पर गीले और सूखे समेत सभी तरह के कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से शत प्रतिशत निस्तारण किया जाना है. इस काम के लिए कंपनियां आगे आ रही हैं. कई स्टार्टअप कंपनियां भी जगह मांग रही हैं. अभी लैंडफिल साइट के लिए 126.54 एकड़ जमीन आरक्षित है. वहीं, प्राधिकरण ने 50 टन और 300 कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित करने के लिए प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

शहर को सफाई के मामले में एक उदाहरण के रूप में पेश करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रयास करना शुरू कर दिया है. सिंगापुर की तर्ज पर उस दिन का कूड़ा, उसी दिन निस्तारित किया जा सके, इसके लिए आधुनिक तकनीक वाली कंपनियों की तलाश की जा रही है. अस्तौली लैंडफिल साइट का काम तेज कर दिया गया है. दूसरे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त है. आधुनिक तरीके से कूड़े का निस्तारण कर उसे पुन इस्तेमाल में लाने के लिए आगे आने वाली कंपनियों को जगह उपलब्ध कराई जा सके, इसके लिए अस्तौली लैंडफिल साइट का क्षेत्र बढ़ाते हुए 100 एकड़ जमीन और खरीदी जाएगी. इसके लिए किसानों से बातचीत चल रही है. एक ही जगह पर कूड़े का निस्तारण किया जाएगा. अभी कूड़ा निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था न होने की वजह से लखनावली गांव के समीप स्थित अस्थायी डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा डाला जा रहा है. सफाई के काम में जुटी एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा चोरी छिपे खाली पड़े स्थानों पर भी कूड़ा डंप कर दिया जाता है. बता दें कि अस्तौली लैंडफिल साइट पर कूड़े से बायोगैस बनाने के लिए रिलायंस कंपनी ने 20 एकड़ जमीन मांगी है. एनटीपीसी को 20 एकड़ जमीन पहले ही आवंटित की जा चुकी है. कंपनी ने प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया है.

प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू

प्राधिकरण अस्तौली के सेनेटरी लैंडफिल साइट पर प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए निविदा निकाली गई है. प्लांट की क्षमता 50 टन कूड़ा प्रतिदिन निस्तारित करने की होगी. इस पर 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके साथ ही 300 टन क्षमता का एक अन्य प्लांट स्थापित करने की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया एक माह में पूरी कर ली जाएगी

 

 

प्रतापगढ़ न्यूज़ डेस्क

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