उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क पुलिस व पीएससी की मौजूदगी में घटना के तीसरे दिन शव का दाह संस्कार कराया गया. जब शव घर से उठा तो पुलिस ने राहत की सांस ली.हथिगवां थाना क्षेत्र के लगंड़ी का पुरवा जहानाबाद गांव निवासी राम सुमेर यादव और रामकरण यादव के बीच रास्ते को लेकर अरसे से विवाद चल रहा था. शनिवार को इसी बात को लेकर इसी रास्ते से आने जाने को लेकर कहासुनी हुई तो रामकरण का पक्ष हमलावर हो गया था. मारपीट में राम सुमित यादव समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. राम सुमेर यादव को गंभीर हालत में सीएचसी कुंडा से प्रयागराज ले जाया गया था. प्रयागराज में इलाज के दौरान देर रात राम सुमेर की मौत हो गई थी. रविवार की शाम को जब पोस्टमार्टम के बाद शव मृतक के घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया था. बिहार से आ रहे इकलौते बेटे शंकर लाल यादव के इंतजार में शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया. कुंडा सीओ अजीत सिंह व हथिगवां एसओ संतोष सिंह ने रात में पीएसी के जवान व तीन थाने की फोर्स तैनात कर दी थी. सोमवार की सुबह एसओ संतोष सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और अंतिम संस्कार को लेकर परिजन से बात करने लगे. लगभग 1145 बजे मृतक का बेटा शंकर लाल यादव घर आया तो पिता की लाश देख बेहोश हो गया. होश में आने के बाद उसने पिता का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. घंटों कुंडा सीओ अजीत सिंह व एसओ ने सभी नामजद के खिलाफ मुकदमा लिखने और कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीण व परिजन मानें.दोपहर में अंतिम संस्कार के लिए शव को उठाया गया. शव के साथ एसओ व पीएसी के जवान घर से लेकर गंगा घाट तक तैनात रहे.
गंगा किनारे गड्ढे में दफनाया गया शव
मृतक राम सुमेर का बेटा शंकर लाल यादव ने अपने पिता को कंधा दिया इसके बाद जहानाबाद गौरीशंकर गंगा घाट पर अपने पिता का अंतिम संस्कार किया.
घर से शव उठा तो सीओ व एसओ पैदल गंगा किनारे तक पहुंचे
हथिगवां, मृतक राम सुमेर यादव का शव लगभग 1230 जब घर से गंगा जी की ओर दाह संस्कार को ले जाया जाने लगा तो पुलिस अधिकारी व कर्मचारी पैदल ही शव के साथ लगे रहे. गंगा किनारे शव दफन होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली.
हत्या आरोपितों को पकड़ने के लिए दबिश
हथिगवां एसओ संतोष सिंह ने बताया कि फरार हत्या आरोपितों को पकड़ने के लिए उनके घर पर टीम भेजी गई है. हत्यारोपितों को पकड़ने के लिए रात में भी पुलिस टीम दबिश दे रही है.
प्रतापगढ़ न्यूज़ डेस्क

